कृष्ण यजुर्वेदीय तैत्तिरीय संहिता क्रम पाठः
द्वितीयकाण्डे प्रथमः प्रश्नः

कांड २ प्रश्न १
पशुविधानं

ओं नमः परमात्मने, श्री महागणपतये नमः

श्री गुरुभ्यो नमः, ह॒रिः॒ ओं

ॐ
वा॒य॒व्य॑ꣴ श्वे॒तम्⁠। श्वे॒तमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ भूति॑कामः⁠। भूति॑कामो वा॒युः⁠। भूति॑काम॒ इति॒ भूति॑—का॒मः॒⁠। वा॒युर् वै⁠। वै ख्‍षेपि॑ष्ठा⁠। ख्‍षेपि॑ष्ठा दे॒वता᳚⁠। दे॒वता॑ वा॒युम्⁠। वा॒युमे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒म् भूति᳚म्⁠। भूति॑म् गमयति⁠। ग॒म॒य॒ति॒ भव॑ति⁠। भव॑त्ये॒व⁠। ए॒वाति॑ख्‍षिप्रा⁠। अति॑ख्‍षिप्रा दे॒वता᳚⁠। अति॑ख्‍षि॒प्रेत्यति॑—ख्‍षि॒प्रा॒⁠। दे॒वतेति॑⁠। इत्या॑हुः⁠। आ॒हुः॒ सा⁠। सैन᳚म्⁠। ए॒न॒मी॒श्व॒रा⁠। ई॒श्व॒रा प्र॒दहः॑⁠। प्र॒दह॒ इति॑⁠। प्र॒दह॒ इति॑ प्र—दहः॑⁠। इत्ये॒तम्⁠। ए॒तमे॒व⁠। ए॒व सन्त᳚म्⁠। सन्त॑व्ँवा॒यवे᳚⁠। वा॒यवे॑ नि॒युत्व॑ते⁠। नि॒युत्व॑त॒ आ⁠। नि॒युत्व॑त॒ इति॑ नि—युत्व॑ते⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ नि॒युत्⁠। नि॒युद् वै⁠। नि॒युदिति॑ नि—युत्⁠। वा अ॑स्य⁠। अ॒स्य॒ धृतिः॑⁠। धृति॑र् धृ॒तः⁠। धृ॒त ए॒व⁠। ए॒व भूति᳚म्⁠। भूति॒मुप॑⁠। उपै॑ति⁠। ए॒त्यप्र॑दाहाय⁠। अप्र॑दाहाय॒ भव॑ति⁠। अप्र॑दाहा॒येत्यप्र॑—दा॒हा॒य॒⁠। भव॑त्ये॒व⁠। ए॒व वा॒यवे᳚⁠। [१] वा॒यवे॑ नि॒युत्व॑ते⁠। नि॒युत्व॑त॒ आ⁠। नि॒युत्व॑त॒ इति॑ नि—युत्व॑ते⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ ग्राम॑कामः⁠। ग्राम॑कामो वा॒युः⁠। ग्राम॑काम॒ इति॒ ग्राम॑—का॒मः॒⁠। वा॒युर् वै⁠। वा इ॒माः⁠। इ॒माः प्र॒जाः⁠। प्र॒जा न॑स्यो॒ताः⁠। प्र॒जा इति॑ प्र—जाः⁠। न॒स्यो॒ता ने॑नीयते⁠। न॒स्यो॒ता इति॑ नसि—ओ॒ताः⁠। ने॒नी॒य॒ते॒ वा॒युम्⁠। वा॒युमे॒व⁠। ए॒व नि॒युत्व॑न्तम्⁠। नि॒युत्व॑न्त॒ꣴ॒स्वेन॑⁠। नि॒युत्व॑न्त॒मिति॑ नि—युत्व॑न्तम्⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ प्र॒जाः⁠। प्र॒जा न॑स्यो॒ताः⁠। प्र॒जा इति॑ प्र—जाः⁠। न॒स्यो॒ता नि⁠। न॒स्यो॒ता इति॑ नसि—ओ॒ताः⁠। नि य॑च्छति⁠। य॒च्छ॒ति॒ ग्रा॒मी⁠। ग्रा॒म्ये॑व⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ नि॒युत्व॑ते⁠। नि॒युत्व॑ते भवति⁠। नि॒युत्व॑त॒ इति॑ नि—युत्व॑ते⁠। भ॒व॒ति॒ ध्रु॒वाः⁠। ध्रु॒वा ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मा॒ अन॑पगाः⁠। अन॑पगाः करोति⁠। अन॑पगा॒ इत्यन॑प—गाः॒⁠। क॒रो॒ति॒ वा॒यवे᳚⁠। वा॒यवे॑ नि॒युत्व॑ते⁠। नि॒युत्व॑त॒ आ⁠। नि॒युत्व॑त॒ इति॑ नि—युत्व॑ते⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ प्र॒जाका॑मः⁠। प्र॒जाका॑मः प्रा॒णः⁠। प्र॒जाका॑म॒ इति॑ प्र॒जा—का॒मः॒⁠। प्रा॒णो वै⁠। प्रा॒ण इति॑ प्र—अ॒नः⁠। वै वा॒युः⁠। वा॒युर॑पा॒नः⁠। अ॒पा॒नो नि॒युत्⁠। अ॒पा॒न इत्य॑प—अ॒नः⁠। नि॒युत् प्रा॑णापा॒नौ⁠। नि॒युदिति॑ नि—युत्⁠। प्रा॒णा॒पा॒नौ खलु॑⁠। प्रा॒णा॒पा॒नाविति॑ प्राण—अ॒पा॒नौ⁠। खलु॒ वै⁠। वा ए॒तस्य॑⁠। ए॒तस्य॑ प्र॒जायाः᳚⁠। प्र॒जाया॒ अप॑⁠। प्र॒जाया॒ इति॑ प्र—जायाः᳚⁠। [२] अप॑ क्रामतः⁠। क्रा॒म॒तो॒ यः⁠। यो ऽल᳚म्⁠। अल॑म् प्र॒जायै᳚⁠। प्र॒जायै॒ सन्न्⁠। प्र॒जाया॒ इति॑ प्र—जायै᳚⁠। सन् प्र॒जाम्⁠। प्र॒जाम् न⁠। प्र॒जामिति॑ प्र—जाम्⁠। न वि॒न्दते᳚⁠। वि॒न्दते॑ वा॒युम्⁠। वा॒युमे॒व⁠। ए॒व नि॒युत्व॑न्तम्⁠। नि॒युत्व॑न्त॒ꣴ॒ स्वेन॑⁠। नि॒युत्व॑न्त॒मिति॑ नि—युत्व॑न्तम्⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ प्रा॒णा॒पा॒नाभ्या᳚म्⁠। प्रा॒णा॒पा॒नाभ्या᳚म् प्र॒जाम्⁠। प्रा॒णा॒पा॒नाभ्या॒मिति॑ प्राण—अ॒पा॒नाभ्या᳚म्⁠। प्र॒जाम् प्र⁠। प्र॒जामिति॑ प्र—जाम्⁠। प्र ज॑नयति⁠। ज॒न॒य॒ति॒ वि॒न्दते᳚⁠। वि॒न्दते᳚ प्र॒जाम्⁠। प्र॒जाव्ँवा॒यवे᳚⁠। प्र॒जामिति॑ प्र—जाम्⁠। वा॒यवे॑ नि॒युत्व॑ते⁠। नि॒युत्व॑त॒ आ⁠। नि॒युत्व॑त॒ इति॑ नि—युत्व॑ते⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ ज्योगा॑मयावी⁠। ज्योगा॑मयावी प्रा॒णः⁠। ज्योगा॑मया॒वीति॒ ज्योक्—आ॒म॒या॒वी॒⁠। प्रा॒णो वै⁠। प्रा॒ण इति॑ प्र—अ॒नः⁠। वै वा॒युः⁠। वा॒युर॑पा॒नः⁠। अ॒पा॒नो नि॒युत्⁠। अ॒पा॒न इत्य॑प—अ॒नः⁠। नि॒युत् प्रा॑णापा॒नौ⁠। नि॒युदिति॑ नि—युत्⁠। प्रा॒णा॒पा॒नौ खलु॑⁠। प्रा॒णा॒पा॒नाविति॑ प्राण—अ॒पा॒नौ⁠। खलु॒ वै⁠। वा ए॒तस्मा᳚त्⁠। ए॒तस्मा॒दप॑⁠। अप॑ क्रामतः⁠। क्रा॒म॒तो॒ यस्य॑⁠। यस्य॒ ज्योक्⁠। ज्योगा॒मय॑ति⁠। आ॒मय॑ति वा॒युम्⁠। वा॒युमे॒व⁠। ए॒व नि॒युत्व॑न्तम्⁠। नि॒युत्व॑न्त॒ꣴ॒ स्वेन॑⁠। नि॒युत्व॑न्त॒मिति॑ नि—युत्व॑न्तम्⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। [३] धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न् प्रा॒णा॒पा॒नौ⁠। प्रा॒णा॒पा॒नौ द॑धाति⁠। प्रा॒णा॒पा॒नाविति॑ प्राण—अ॒पा॒नौ⁠। द॒धा॒त्यु॒त⁠। उ॒त यदि॑⁠। यदी॒तासुः॑⁠। इ॒तासु॒र् भव॑ति⁠। इ॒तासु॒रिती॒त—अ॒सुः॒⁠। भव॑ति॒ जीव॑ति⁠। जीव॑त्ये॒व⁠। ए॒व प्र॒जाप॑तिः⁠। प्र॒जाप॑ति॒र् वै⁠। प्र॒जाप॑ति॒रिति॑ प्र॒जा—प॒तिः॒⁠। वा इ॒दम्⁠। इ॒दमेकः॑⁠। एक॑ आसीत्⁠। आ॒सी॒थ् सः⁠। सो॑ऽकामयत⁠। अ॒का॒म॒य॒त॒ प्र॒जाः⁠। प्र॒जाः प॒शून्⁠। प्र॒जा इति॑ प्र—जाः⁠। प॒शून्थ् सृ॑जेय⁠। सृ॒जे॒येति॑⁠। इति॒ सः⁠। स आ॒त्मनः॑⁠। आ॒त्मनो॑ व॒पाम्⁠। व॒पामुत्⁠। उद॑क्खिदत्⁠। अ॒क्खि॒द॒त् ताम्⁠। ताम॒ग्नौ⁠। अ॒ग्नौ प्र⁠। प्रागृ॑ह्णात्⁠। अ॒गृ॒ह्णा॒त् ततः॑⁠। ततो॒ऽजः⁠। अ॒जस्तू॑प॒रः⁠। तू॒प॒रः सम्⁠। सम॑भवत्⁠। अ॒भ॒व॒त् तम्⁠। तꣴ स्वायै᳚⁠। स्वायै॑ दे॒वता॑यै⁠। दे॒वता॑या॒ आ⁠। आऽल॑भत⁠। अ॒ल॒भ॒त॒ ततः॑⁠। ततो॒ वै⁠। वै सः⁠। स प्र॒जाः⁠। प्र॒जाः प॒शून्⁠। प्र॒जा इति॑ प्र—जाः⁠। प॒शून॑सृजत⁠। अ॒सृ॒ज॒त॒ यः⁠। यः प्र॒जाका॑मः⁠। प्र॒जाका॑मः प॒शुका॑मः⁠। प्र॒जाका॑म॒ इति॑ प्र॒जा—का॒मः॒⁠। [४] प॒शुका॑मः॒ स्यात्⁠। प॒शुका॑म॒ इति॑ प॒शु—का॒मः॒⁠। स्याथ् सः⁠। स ए॒तम्⁠। ए॒तम् प्रा॑जाप॒त्यम्⁠। प्रा॒जा॒प॒त्यम॒जम्⁠। प्रा॒जा॒प॒त्यमिति॑ प्राजा—प॒त्यम्⁠। अ॒जम् तू॑प॒रम्⁠। तू॒प॒रमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ प्र॒जाप॑तिम्⁠। प्र॒जाप॑तिमे॒व⁠। प्र॒जाप॑ति॒मिति॑ प्र॒जा—प॒ति॒म्⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ प्र॒जाम्⁠। प्र॒जाम् प॒शून्⁠। प्र॒जामिति॑ प्र—जाम्⁠। प॒शून् प्र⁠। प्र ज॑नयति⁠। ज॒न॒य॒ति॒ यत्⁠। यच्छ्म॑श्रु॒णः⁠। श्म॒श्रु॒णस्तत्⁠। तत् पुरु॑षाणाम्⁠। पुरु॑षाणाꣳ रू॒पम्⁠। रू॒पय्ँयत्⁠। यत् तू॑प॒रः⁠। तू॒प॒रस्तत्⁠। तदश्वा॑नाम्⁠। अश्वा॑ना॒य्ँयत्⁠। यद॒न्यतो॑दन्न्⁠। अ॒न्यतो॑द॒न् तत्⁠। अ॒न्यतो॑द॒न्नित्य॒न्यतः॑—द॒न्न्॒⁠। तद् गवा᳚म्⁠। गवा॒य्ँयत्⁠। यदव्याः᳚⁠। अव्या॑ इव⁠। इ॒व॒ श॒फाः⁠। श॒फास्तत्⁠। तदवी॑नाम्⁠। अवी॑ना॒य्ँयत्⁠। यद॒जः⁠। अ॒जस्तत्⁠। तद॒जाना᳚म्⁠। अ॒जाना॑मे॒ताव॑न्तः⁠। ए॒ताव॑न्तो॒ वै⁠। वै ग्रा॒म्याः⁠। ग्रा॒म्याः प॒शवः॑⁠। प॒शव॒स्तान्⁠। तान् रू॒पेण॑⁠। [५] रू॒पेणै॒व⁠। ए॒वाव॑⁠। अव॑ रुन्धे⁠। रु॒न्धे॒ सो॒मा॒पौ॒ष्णम्⁠। सो॒मा॒पौ॒ष्णम् त्रै॒तम्⁠। सो॒मा॒पौ॒ष्णमिति॑ सोमा—पौ॒ष्णम्⁠। त्रै॒तमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ प॒शुका॑मः⁠। प॒शुका॑मो॒ द्वौ⁠। प॒शुका॑म॒ इति॑ प॒शु—का॒मः॒⁠। द्वौ वै⁠। वा अ॒जायै᳚⁠। अ॒जायै॒ स्तनौ᳚⁠। स्तनौ॒ नाना᳚⁠। नानै॒व⁠। ए॒व द्वौ⁠। द्वाव॒भि⁠। अ॒भि जाये॑ते⁠। जाये॑ते॒ ऊर्ज᳚म्⁠। जाये॑ते॒ इति॒ जाये॑ते⁠। ऊर्ज॒म् पुष्टि᳚म्⁠। पुष्टि॑म् तृ॒तीयः॑⁠। तृ॒तीयः॑ सोमापू॒षणौ᳚⁠। सो॒मा॒पू॒षणा॑वे॒व⁠। सो॒मा॒पू॒षणा॒विति॑ सोमा—पू॒षणौ᳚⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ तौ⁠। तावे॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ प॒शून्⁠। प॒शून् प्र⁠। प्र ज॑नयतः⁠। ज॒न॒य॒तः॒ सोमः॑⁠। सोमो॒ वै⁠। वै रे॑तो॒धाः⁠। रे॒तो॒धाः पू॒षा⁠। रे॒तो॒धा इति॑ रेतः—धाः⁠। पू॒षा प॑शू॒नाम्⁠। प॒शू॒नाम् प्र॑जनयि॒ता⁠। प्र॒ज॒न॒यि॒ता सोमः॑⁠। प्र॒ज॒न॒यि॒तेति॑ प्र—ज॒न॒यि॒ता⁠। सोम॑ ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ रेतः॑⁠। रेतो॒ दधा॑ति⁠। दधा॑ति पू॒षा⁠। पू॒षा प॒शून्⁠। प॒शून् प्र⁠। प्र ज॑नयति⁠। ज॒न॒य॒त्यौदु॑म्बरः⁠। औदु॑म्बरो॒ यूपः॑⁠। यूपो॑ भवति⁠। भ॒व॒त्यूर्क्⁠। ऊर्ग्वै⁠। वा उ॑दुं॒बरः॑⁠। उ॒दु॒म्बर॒ ऊर्क्⁠। ऊर्क् प॒शवः॑⁠। प॒शव॑ ऊ॒र्जा⁠। ऊ॒र्जैव⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मा॒ ऊर्ज᳚म्⁠। ऊर्ज॑म् प॒शून्⁠। प॒शूनव॑⁠। अव॑ रुन्धे⁠। रु॒न्ध॒ इति॑ रुन्धे⁠॥ [६] (अप्र॑दाहाय॒ भव॑त्ये॒व प्र॒जाया॑ आ॒मय॑ति वा॒युमे॒व नि॒युत्व॑त॒ꣴ॒ स्वेन॑ भाग॒धेये॒नोप॑ प्र॒जाका॑म॒ स्तान् यूप॒ स्त्रयो॑दश च) ॥१॥
प्र॒जाप॑तिः प्र॒जाः⁠। प्र॒जाप॑ति॒रिति॑ प्र॒जा—प॒तिः॒⁠। प्र॒जा अ॑सृजत⁠। प्र॒जा इति॑ प्र—जाः⁠। अ॒सृ॒ज॒त॒ ताः⁠। ता अ॑स्मात्⁠। अ॒स्मा॒थ् सृ॒ष्टाः⁠। सृ॒ष्टाः परा॑चीः⁠। परा॑चीरायन्न्⁠। आ॒य॒न् ताः⁠। ता वरु॑णम्⁠। वरु॑णमगच्छन्न्⁠। अ॒ग॒च्छ॒न् ताः⁠। ता अनु॑⁠। अन्वै᳚त्⁠। ऐ॒त् ताः⁠। ताः पुनः॑⁠। पुन॑रयाचत⁠। अ॒या॒च॒त ताः⁠। ता अ॑स्मै⁠। अ॒स्मै॒ न⁠। न पुनः॑⁠। पुन॑रददात्⁠। अ॒द॒दा॒थ् सः⁠। सो᳚ऽब्रवीत्⁠। अ॒ब्र॒वी॒द् वर᳚म्⁠। वर॑व्ँवृणीष्व⁠। वृ॒णी॒ष्वाथ॑⁠। अथ॑ मे⁠। मे॒ पुनः॑⁠। पुन॑र् देहि⁠। दे॒हीति॑⁠। इति॒ तासा᳚म्⁠। तासा॒व्ँवर᳚म्⁠। वर॒मा⁠। आऽल॑भत⁠। अ॒ल॒भ॒त॒ सः⁠। स कृ॒ष्णः⁠। कृ॒ष्ण एक॑शितिपात्⁠। एक॑शिति,पादभवत्⁠। एक॑शितिपा॒दित्येक॑—शि॒ति॒पा॒त्॒⁠। अ॒भ॒व॒द् यः⁠। यो वरु॑णगृहीतः⁠। वरु॑णगृहीतः॒ स्यात्⁠। वरु॑णगृहीत॒ इति॒ वरु॑ण—गृ॒ही॒तः॒⁠। स्याथ् सः⁠। स ए॒तम्⁠। ए॒तव्ँवा॑रु॒णम्⁠। वा॒रु॒णम् कृ॒ष्णम्⁠। कृ॒ष्ण,मेक॑शितिपादम्⁠। एक॑शितिपाद॒मा⁠। एक॑शितिपाद॒मित्येक॑—शि॒ति॒पा॒द॒म्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ वरु॑णम्⁠। वरु॑णमे॒व⁠। [७] ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒व्ँव॒रु॒ण॒पा॒शात्⁠। व॒रु॒ण॒पा॒शान् मु॑ञ्चति⁠। व॒रु॒ण॒पा॒शादिति॑ वरुण—पा॒शात्⁠। मु॒ञ्च॒ति॒ कृ॒ष्णः⁠। कृ॒ष्ण एक॑शितिपात्⁠। एक॑शितिपाद्,भवति⁠। एक॑शितिपा॒दित्येक॑—शि॒ति॒पा॒त्॒⁠। भ॒व॒ति॒ वा॒रु॒णः⁠। वा॒रु॒णो हि⁠। ह्ये॑षः⁠। ए॒ष दे॒वत॑या⁠। दे॒वत॑या॒ समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्यै॒ सुव॑र्भानुः⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। सुव॑र्भानुरासु॒रः⁠। सुव॑र्भानु॒रिति॒ सुवः॑—भा॒नुः॒⁠। आ॒सु॒रः सूर्य᳚म्⁠। सूर्य॒म् तम॑सा⁠। तम॑साऽविद्ध्यत्⁠। अ॒वि॒द्ध्य॒त् तस्मै᳚⁠। तस्मै॑ दे॒वाः⁠। दे॒वाः प्राय॑श्चित्तिम्⁠। प्राय॑श्चित्तिमैच्छन्न्⁠। ऐ॒च्छ॒न् तस्य॑⁠। तस्य॒ यत्⁠। यत्,प्र॑थ॒मम्⁠। प्र॒थ॒मम् तमः॑⁠। तमो॒ऽपाघ्न॑न्न्⁠। अ॒पाघ्न॒न्थ् सा⁠। अ॒पाघ्न॒न्नित्य॑प—अघ्न॑न्न्⁠। सा कृ॒ष्णा⁠। कृ॒ष्णा ऽविः॑⁠। अवि॑रभवत्⁠। अ॒भ॒व॒द् यत्⁠। यद् द्वि॒तीय᳚म्⁠। द्वि॒तीय॒ꣳ॒ सा⁠। सा फल्गु॑नी⁠। फल्गु॑नी॒ यत्⁠। यत् तृ॒तीय᳚म्⁠। तृ॒तीय॒ꣳ॒ सा⁠। सा ब॑ल॒ख्‍षी⁠। ब॒ल॒ख्‍षी यत्⁠। यद॑द्ध्य॒स्थात्⁠। अ॒द्ध्य॒स्थाद॒पाकृ॑न्तन्न्⁠। अ॒द्ध्य॒स्थादित्य॑धि—अ॒स्थात्⁠। अ॒पाकृ॑न्त॒न्थ् सा⁠। अ॒पाकृ॑न्त॒न्नित्य॑प—अकृ॑न्तन्न्⁠। साऽविः॑⁠। अवि॑र् व॒शा⁠। व॒शा सम्⁠। [८] सम॑भवत्⁠। अ॒भ॒व॒त् ते⁠। ते दे॒वाः⁠। दे॒वा अ॑ब्रुवन्न्⁠। अ॒ब्रु॒व॒न् दे॒व॒प॒शुः⁠। दे॒व॒प॒शुर्,वै⁠। दे॒व॒प॒शुरिति॑ देव—प॒शुः⁠। वा अ॒यम्⁠। अ॒यꣳ सम्⁠। सम॑भूत्⁠। अ॒भू॒त्,कस्मै᳚⁠। कस्मा॑ इ॒मम्⁠। इ॒ममा⁠। आ ल॑फ्स्यामहे⁠। ल॒फ्स्या॒म॒ह॒ इति॑⁠। इत्यथ॑⁠। अथ॒ वै⁠। वै तर्‌हि॑⁠। तर्‌ह्यल्पा᳚⁠। अल्पा॑ पृथि॒वी⁠। पृ॒थि॒व्यासी᳚त्⁠। आसी॒दजा॑ताः⁠। अजा॑ता॒ ओष॑धयः⁠। ओष॑धय॒स्ताम्⁠। तामवि᳚म्⁠। अवि॑व्ँव॒शाम्⁠। व॒शामा॑दि॒त्येभ्यः॑⁠। आ॒दि॒त्येभ्यः॒ कामा॑य⁠। कामा॒या⁠। आऽल॑भन्त⁠। अ॒ल॒भ॒न्त॒ ततः॑⁠। ततो॒ वै⁠। वा अप्र॑थत⁠। अप्र॑थत पृथि॒वी⁠। पृ॒थि॒व्यजा॑यन्त⁠। अजा॑य॒न्तौष॑धयः⁠। ओष॑धयो॒ यः⁠। यः का॒मये॑त⁠। का॒मये॑त॒ प्रथे॑य⁠। प्रथे॑य प॒शुभिः॑⁠। प॒शुभिः॒ प्र⁠। प॒शुभि॒रिति॑ प॒शु—भिः॒⁠। प्र प्र॒जया᳚⁠। प्र॒जया॑ जायेय⁠। प्र॒जयेति॑ प्र—जया᳚⁠। जा॒ये॒येति॑⁠। इति॒ सः⁠। स ए॒ताम्⁠। ए॒तामवि᳚म्⁠। अवि॑व्ँव॒शाम्⁠। व॒शामा॑दि॒त्येभ्यः॑⁠। आ॒दि॒त्येभ्यः॒ कामा॑य⁠। कामा॒या⁠। [९] आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒ता॒दि॒त्यान्⁠। आ॒दि॒त्याने॒व⁠। ए॒व काम᳚म्⁠। काम॒ꣴ॒ स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ ते⁠। त ए॒व⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒नं॒ प्र॒थय॑न्ति⁠। प्र॒थय॑न्ति प॒शुभिः॑⁠। प॒शुभिः॒ प्र⁠। प॒शुभि॒रिति॑ प॒शु—भिः॒⁠। प्र प्र॒जया᳚⁠। प्र॒जया॑ जनयन्ति⁠। प्र॒जयेति॑ प्र—जया᳚⁠। ज॒न॒य॒न्त्य॒सौ⁠। अ॒सावा॑दि॒त्यः⁠। आ॒दि॒त्यो न⁠। न वि⁠। व्य॑रोचत⁠। अ॒रो॒च॒त॒ तस्मै᳚⁠। तस्मै॑ दे॒वाः⁠। दे॒वाः प्राय॑श्चित्तिम्⁠। प्राय॑श्चित्तिमैच्छन्न्⁠। ऐ॒च्छ॒न् तस्मै᳚⁠। तस्मा॑ ए॒ताः⁠। ए॒ता म॒ल्॒‌हाः⁠। म॒ल्॒‌हा आ⁠। आ ऽल॑भन्त⁠। अ॒ल॒भ॒न्ता॒ग्ने॒यीम्⁠। आ॒ग्ने॒यीम् कृ॑ष्णग्री॒वीम्⁠। कृ॒ष्ण॒ग्री॒वीꣳ स॑ꣳहि॒ताम्⁠। कृ॒ष्ण॒ग्री॒वीमिति॑ कृष्ण—ग्री॒वीम्⁠। स॒ꣳ॒हि॒तामै॒न्द्रीम्⁠। स॒ꣳ॒हि॒तामिति॑ सं—हि॒ताम्⁠। ऐ॒न्द्रीꣴ श्वे॒ताम्⁠। श्वे॒ताम् बा॑र्‌हस्प॒त्याम्⁠। बा॒र्॒‌ह॒स्प॒त्याम् ताभिः॑⁠। ताभि॑रे॒व⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न् रुच᳚म्⁠। रुच॑मदधुः⁠। अ॒द॒धु॒र् यः⁠। यो ब्र॑ह्मवर्च॒सका॑मः⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सका॑मः॒ स्यात्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सका॑म॒ इति॑ ब्रह्मवर्च॒स—का॒मः॒⁠। स्यात् तस्मै᳚⁠। तस्मा॑ ए॒ताः⁠। ए॒ता म॒ल्॒‌हाः⁠। म॒ल्॒‌हा आ⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒ता॒ग्ने॒यीम्⁠। [१०] आ॒ग्ने॒यीम् कृ॑ष्णग्री॒वीम्⁠। कृ॒ष्ण॒ग्री॒वीꣳ स॑ꣳहि॒ताम्⁠। कृ॒ष्ण॒ग्री॒वीमिति॑ कृष्ण—ग्री॒वीम्⁠। स॒ꣳ॒हि॒तामै॒न्द्रीम्⁠। स॒ꣳ॒हि॒तामिति॑ सं—हि॒ताम्⁠। ऐ॒न्द्रीꣴ श्वे॒ताम्⁠। श्वे॒ताम् बा॑र्‌हस्प॒त्याम्⁠। बा॒र्॒‌ह॒स्प॒त्यामे॒ताः⁠। ए॒ता ए॒व⁠। ए॒व दे॒वताः᳚⁠। दे॒वताः॒ स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ ताः⁠। ता ए॒व⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न् ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सम्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सम् द॑धति⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समिति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सम्⁠। द॒ध॒ति॒ ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सी⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒स्ये॑व⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सीति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सी⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ व॒सन्ता᳚⁠। व॒सन्ता᳚ प्रा॒तः⁠। प्रा॒तरा᳚ग्ने॒यीम्⁠। आ॒ग्ने॒यीम् कृ॑ष्णग्री॒वीम्⁠। कृ॒ष्ण॒ग्री॒वीमा⁠। कृ॒ष्ण॒ग्री॒वीमिति॑ कृष्ण—ग्री॒वीम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ ग्री॒ष्मे⁠। ग्री॒ष्मे म॒द्ध्यन्दि॑ने⁠। म॒द्ध्यन्दि॑ने सꣳहि॒ताम्⁠। स॒ꣳ॒हि॒तामै॒न्द्रीम्⁠। स॒ꣳ॒हि॒तामिति॑ सं—हि॒ताम्⁠। ऐ॒न्द्रीꣳ श॒रदि॑⁠। श॒रद्य॑परा॒ह्णे⁠। अ॒प॒रा॒ह्णे श्वे॒ताम्⁠। अ॒प॒रा॒ह्ण इत्य॑पर—अ॒ह्ने⁠। श्वे॒ताम् बा॑र्‌हस्प॒त्याम्⁠। बा॒र्॒‌ह॒स्प॒त्याम् त्रीणि॑⁠। त्रीणि॒ वै⁠। वा आ॑दि॒त्यस्य॑⁠। आ॒दि॒त्यस्य॒ तेजा॑ꣳसि⁠। तेजा॑ꣳसि व॒सन्ता᳚⁠। व॒सन्ता᳚ प्रा॒तः⁠। प्रा॒तर्,ग्री॒ष्मे⁠। ग्री॒ष्मे म॒द्ध्यन्दि॑ने⁠। म॒द्ध्यन्दि॑ने श॒रदि॑⁠। श॒रद्य॑परा॒ह्णे⁠। अ॒प॒रा॒ह्णे याव॑न्ति⁠। अ॒प॒रा॒ह्ण इत्य॑पर—अ॒ह्ने⁠। याव॑न्त्ये॒व⁠। ए॒व तेजा॑ꣳसि⁠। तेजा॑ꣳसि॒ तानि॑⁠। तान्ये॒व⁠। ए॒वाव॑⁠। [११] अव॑ रुन्धे⁠। रु॒न्धे॒ स॒व्ँव॒थ्स॒रम्⁠। स॒व्ँव॒थ्स॒रम् प॒र्याल॑भ्यन्ते⁠। स॒व्ँव॒थ्स॒रमिति॑ सं—व॒थ्स॒रम्⁠। प॒र्याल॑भ्यन्ते सव्ँवथ्स॒रः⁠। प॒र्याल॑भ्यन्त॒ इति॑ परि—आल॑भ्यन्ते⁠। स॒व्ँव॒थ्स॒रो वै⁠। स॒व्ँव॒थ्स॒र इति॑ सं—व॒थ्स॒रः⁠। वै ब्र॑ह्मवर्च॒सस्य॑⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सस्य॑ प्रदा॒ता⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सस्येति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सस्य॑⁠। प्र॒दा॒ता स॑व्ँवथ्स॒रः⁠। प्र॒दा॒तेति॑ प्र—दा॒ता⁠। स॒व्ँव॒थ्स॒र ए॒व⁠। स॒व्ँव॒थ्स॒र इति॑ सम्—व॒थ्स॒रः⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सम्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सम् प्र⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समिति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सम्⁠। प्र य॑च्छति⁠। य॒च्छ॒ति॒ ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सी⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒स्ये॑व⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सीति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सी⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ ग॒र्भिण॑यः⁠। ग॒र्भिण॑यो भवन्ति⁠। भ॒व॒न्ती॒न्द्रि॒यम्⁠। इ॒न्द्रि॒यव्ँवै⁠। वै गर्भः॑⁠। गर्भ॑ इन्द्रि॒यम्⁠। इ॒न्द्रि॒यमे॒व⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न् द॒ध॒ति॒⁠। द॒ध॒ति॒ सा॒र॒स्व॒तीम्⁠। सा॒र॒स्व॒तीम् मे॒षीम्⁠। मे॒षीमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ यः⁠। य ई᳚श्व॒रः⁠। ई॒श्व॒रो वा॒चः⁠। वा॒चो वदि॑तोः⁠। वदि॑तोः॒ सन्न्⁠। सन् वाच᳚म्⁠। वाच॒म् न⁠। न वदे᳚त्⁠। वदे॒द् वाक्⁠। वाग् वै⁠। वै सर॑स्वती⁠। सर॑स्वती॒ सर॑स्वतीम्⁠। सर॑स्वतीमे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सा⁠। सैव⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न् वाच᳚म्⁠। [१२] वाच॑म् दधाति⁠। द॒धा॒ति॒ प्र॒व॒दि॒ता⁠। प्र॒व॒दि॒ता वा॒चः⁠। प्र॒व॒दि॒तेति॑ प्र—व॒दि॒ता⁠। वा॒चो भ॑वति⁠। भ॒व॒त्यप॑न्नदती⁠। अप॑न्नदती भवति⁠। अप॑न्नद॒तीत्यप॑न्न—द॒ती॒⁠। भ॒व॒ति॒ तस्मा᳚त्⁠। तस्मा᳚न्,मनु॒ष्याः᳚⁠। म॒नु॒ष्याः᳚ सर्वा᳚म्⁠। सर्वा॒व्ँवाच᳚म्⁠। वाच॑व्ँवदन्ति⁠। व॒द॒न्त्या॒ग्ने॒यम्⁠। आ॒ग्ने॒यं कृ॒ष्णग्री॑वम्⁠। कृ॒ष्णग्री॑व॒मा⁠। कृ॒ष्णग्री॑व॒मिति॑ कृ॒ष्ण—ग्री॒व॒म्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ सौ॒म्यम्⁠। सौ॒म्यम् ब॒भ्रुम्⁠। ब॒भ्रुम् ज्योगा॑मयावी⁠। ज्योगा॑मयाव्य॒ग्निम्⁠। ज्योगा॑माया॒वीति॒ ज्योक्—आ॒म॒या॒वी॒⁠। अ॒ग्निव्ँवै⁠। वा ए॒तस्य॑⁠। ए॒तस्य॒ शरी॑रम्⁠। शरी॑रम् गच्छति⁠। ग॒च्छ॒ति॒ सोम᳚म्⁠। सोम॒ꣳ॒ रसः॑⁠। रसो॒ यस्य॑⁠। यस्य॒ ज्योक्⁠। ज्योगा॒मय॑ति⁠। आ॒मय॑त्य॒ग्नेः⁠। अ॒ग्नेरे॒व⁠। ए॒वास्य॑⁠। अ॒स्य॒ शरी॑रम्⁠। शरी॑रम् निष्क्री॒णाति॑⁠। नि॒ष्क्री॒णाति॒ सोमा᳚त्⁠। नि॒ष्क्री॒णातीति॑ निः—क्री॒णाति॑⁠। सोमा॒द् रस᳚म्⁠। रस॑मु॒त⁠। उ॒त यदि॑⁠। यदी॒तासुः॑⁠। इ॒तासु॒र्,भव॑ति⁠। इ॒तासु॒रिती॒त—अ॒सुः॒⁠। भव॑ति॒ जीव॑ति⁠। जीव॑त्ये॒व⁠। ए॒व सौ॒म्यम्⁠। सौ॒म्यम् ब॒भ्रुम्⁠। ब॒भ्रुमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒ता॒ग्ने॒यम्⁠। आ॒ग्ने॒यम् कृ॒ष्णग्री॑वम्⁠। कृ॒ष्णग्री॑वम् प्र॒जाका॑मः⁠। कृ॒ष्णग्री॑व॒मिति॑ कृ॒ष्ण—ग्री॒व॒म्⁠। प्र॒जाका॑मः॒ सोमः॑⁠। प्र॒जाका॑म॒ इति॑ प्र॒जा—का॒मः॒⁠। सोमो॒ वै⁠। [१३] वै रे॑तो॒धाः⁠। रे॒तो॒धा अ॒ग्निः⁠। रे॒तो॒धा इति॑ रेतः—धाः⁠। अ॒ग्निः प्र॒जाना᳚म्⁠। प्र॒जाना᳚म् प्रजनयि॒ता⁠। प्र॒जाना॒मिति॑ प्र—जाना᳚म्⁠। प्र॒ज॒न॒यि॒ता सोमः॑⁠। प्र॒ज॒न॒यि॒तेति॑ प्र—ज॒न॒यि॒ता⁠। सोम॑ ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ रेतः॑⁠। रेतो॒ दधा॑ति⁠। दधा᳚त्य॒ग्निः⁠। अ॒ग्निः प्र॒जाम्⁠। प्र॒जाम् प्र⁠। प्र॒जामिति॑ प्र—जाम्⁠। प्र ज॑नयति⁠। ज॒न॒य॒ति॒ वि॒न्दते᳚⁠। वि॒न्दते᳚ प्र॒जाम्⁠। प्र॒जामा᳚ग्ने॒यम्⁠। प्र॒जामिति॑ प्र—जाम्⁠। आ॒ग्ने॒यम् कृ॒ष्णग्री॑वम्⁠। कृ॒ष्णग्री॑व॒मा⁠। कृ॒ष्णग्री॑व॒मिति॑ कृ॒ष्ण—ग्री॒व॒म्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ सौ॒म्यम्⁠। सौ॒म्यम् ब॒भ्रुम्⁠। ब॒भ्रुय्ँयः⁠। यो ब्रा᳚ह्म॒णः⁠। ब्रा॒ह्म॒णो वि॒द्याम्⁠। वि॒द्याम॒नूच्य॑⁠। अ॒नूच्य॒ न⁠। अ॒नूच्येत्य॑नु—उच्य॑⁠। न वि॒रोचे॑त⁠। वि॒रोचे॑त॒ यत्⁠। वि॒रोचे॒तेति॑ वि—रोचे॑त⁠। यदा᳚ग्ने॒यः⁠। आ॒ग्ने॒यो भव॑ति⁠। भव॑ति॒ तेजः॑⁠। तेज॑ ए॒व⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न् तेन॑⁠। तेन॑ दधाति⁠। द॒धा॒ति॒ यत्⁠। यथ् सौ॒म्यः⁠। सौ॒म्यो ब्र॑ह्मवर्च॒सम्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सम् तेन॑⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समिति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सम्⁠। तेन॑ कृ॒ष्णग्री॑वः⁠। कृ॒ष्णग्री॑व आग्ने॒यः⁠। कृ॒ष्णग्री॑व॒ इति॑ कृ॒ष्ण—ग्री॒वः॒⁠। आ॒ग्ने॒यो भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ तमः॑⁠। तम॑ ए॒व⁠। ए॒वास्मा᳚त्⁠। अ॒स्मा॒दप॑⁠। अप॑ हन्ति⁠। ह॒न्ति॒ श्वे॒तः⁠। श्वे॒तो भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ रुच᳚म्⁠। [१४] रुच॑मे॒व⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न् द॒धा॒ति॒⁠। द॒धा॒ति॒ ब॒भ्रुः⁠। ब॒भ्रुः सौ॒म्यः⁠। सौ॒म्यो भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सम्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समे॒व⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समिति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सम्⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न् त्विषि᳚म्⁠। त्विषि॑म् दधाति⁠। द॒धा॒त्या॒ग्ने॒यम्⁠। आ॒ग्ने॒यम् कृ॒ष्णग्री॑वम्⁠। कृ॒ष्णग्री॑व॒मा⁠। कृ॒ष्णग्री॑व॒मिति॑ कृ॒ष्ण—ग्री॒व॒म्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ सौ॒म्यम्⁠। सौ॒म्यम् ब॒भ्रुम्⁠। ब॒भ्रुमा᳚ग्ने॒यम्⁠। आ॒ग्ने॒यम् कृ॒ष्णग्री॑वम्⁠। कृ॒ष्णग्री॑वम् पुरो॒धाया᳚म्⁠। कृ॒ष्णग्री॑व॒मिति॑ कृ॒ष्ण—ग्री॒व॒म्⁠। पु॒रो॒धाया॒ꣴ॒ स्पर्द्ध॑मानः⁠। पु॒रो॒धाया॒मिति॑ पुरः—धाया᳚म्⁠। स्पर्द्ध॑मान आग्ने॒यः⁠। आ॒ग्ने॒यो वै⁠। वै ब्रा᳚ह्म॒णः⁠। ब्रा॒ह्म॒णः सौ॒म्यः⁠। सौ॒म्यो रा॑ज॒न्यः॑⁠। रा॒ज॒न्यो॑ऽभितः॑⁠। अ॒भितः॑ सौ॒म्यम्⁠। सौ॒म्यमा᳚ग्ने॒यौ⁠। आ॒ग्ने॒यौ भ॑वतः⁠। भ॒व॒त॒स्तेज॑सा⁠। तेज॑सै॒व⁠। ए॒व ब्रह्म॑णा⁠। ब्रह्म॑णोभ॒यतः॑⁠। उ॒भ॒यतो॑ रा॒ष्ट्रम्⁠। रा॒ष्ट्रम् परि॑⁠। परि॑ गृह्णाति⁠। गृ॒ह्णा॒त्ये॒क॒धा⁠। ए॒क॒धा स॒मावृ॑ङ्‍क्ते⁠। ए॒क॒धेत्ये॑क—धा⁠। स॒मावृ॑ङ्‍क्ते पु॒रः⁠। स॒मावृ॑ङ्‍क्त॒ इति॑ सं—आवृ॑ङ्‍क्ते⁠। पु॒र ए॑नम्⁠। ए॒न॒म् द॒ध॒ते॒⁠। द॒ध॒त॒ इति॑ दधते⁠॥ [१५] (ल॒भे॒त॒ वरु॑णं व॒शै तामवि॑व्ँव॒शामा॑दि॒त्येभ्यः॒ कामा॑य म॒ल्॒‌हा आ ल॑भेत॒ तान्ये॒व सैवास्मि॒न्थ् सोमः॑ स्वे॒तो भ॑वति॒ त्रिच॑त्वारिꣳशच्च) ॥२॥
दे॒वा॒सु॒रा ए॒षु⁠। दे॒वा॒सु॒रा इति॑ देव—अ॒सु॒राः⁠। ए॒षु लो॒केषु॑⁠। लो॒केष्व॑स्पर्द्धन्त⁠। अ॒स्प॒र्द्ध॒न्त॒ सः⁠। स ए॒तम्⁠। ए॒तव्ँविष्णुः॑⁠। विष्णु॑र्,वाम॒नम्⁠। वा॒म॒नम॑पश्यत्⁠। अ॒प॒श्य॒त् तम्⁠। तꣴ स्वायै᳚⁠। स्वायै॑ दे॒वता॑यै⁠। दे॒वता॑या॒ आ⁠। आ ऽल॑भत⁠। अ॒ल॒भ॒त॒ ततः॑⁠। ततो॒ वै⁠। वै सः⁠। स इ॒मान्⁠। इ॒माल्ँलो॒कान्⁠। लो॒कान॒भि⁠। अ॒भ्य॑जयत्⁠। अ॒ज॒य॒द् वै॒ष्ण॒वम्⁠। वै॒ष्ण॒वव्ँवा॑म॒नम्⁠। वा॒म॒नमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ स्पर्द्ध॑मानः⁠। स्पर्द्ध॑मानो॒ विष्णुः॑⁠। विष्णु॑रे॒व⁠। ए॒व भू॒त्वा⁠। भू॒त्वेमान्⁠। इ॒माल्ँलो॒कान्⁠। लो॒कान॒भि⁠। अ॒भि ज॑यति⁠। ज॒य॒ति॒ विष॑मे⁠। विष॑म॒ आ⁠। विष॑म॒ इति॒ वि—स॒मे॒⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ विष॑माः⁠। विष॑मा इव⁠। विष॑मा॒ इति॒ वि—स॒माः॒⁠। इ॒व॒ हि⁠। हीमे⁠। इ॒मे लो॒काः⁠। लो॒काः समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्या॒ इन्द्रा॑य⁠। समृ॑द्धा॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। इन्द्रा॑य मन्यु॒मते᳚⁠। म॒न्यु॒मते॒ मन॑स्वते⁠। म॒न्यु॒मत॒ इति॑ मन्यु—मते᳚⁠। मन॑स्वते ल॒लाम᳚म्⁠। ल॒लाम॑म् प्राशृ॒ङ्‍गम्⁠। प्रा॒शृ॒ङ्‍गमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ स॒ङ्‍ग्रा॒मे⁠। स॒ङ्‍ग्रा॒मे सय्ँय॑त्ते⁠। स॒ङ्‍ग्रा॒म इति॑ सम्—ग्रा॒मे⁠। [१६] सय्ँय॑त्त इन्द्रि॒येण॑⁠। सय्ँय॑त्त॒ इति॒ सं—य॒त्ते॒⁠। इ॒न्द्रि॒येण॒ वै⁠। वै म॒न्युना᳚⁠। म॒न्युना॒ मन॑सा⁠। मन॑सा सङ्‍ग्रा॒मम्⁠। स॒ङ्‍ग्रा॒मम् ज॑यति⁠। स॒ङ्‍ग्रा॒ममिति॑ सं—ग्रा॒मम्⁠। ज॒य॒तीन्द्र᳚म्⁠। इन्द्र॑मे॒व⁠। ए॒व म॑न्यु॒मन्त᳚म्⁠। म॒न्यु॒मन्त॒म् मन॑स्वन्तम्⁠। म॒न्यु॒मन्त॒मिति॑ मन्यु—मन्त᳚म्⁠। मन॑स्वन्त॒ꣴ॒ स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न्नि॒न्द्रि॒यम्⁠। इ॒न्द्रि॒यम् म॒न्युम्⁠। म॒न्युम् मनः॑⁠। मनो॑ दधाति⁠। द॒धा॒ति॒ जय॑ति⁠। जय॑ति॒ तम्⁠। तꣳ स॑ङ्‍ग्रा॒मम्⁠। स॒ङ्‍ग्रा॒ममिन्द्रा॑य⁠। स॒ङ्‍ग्रा॒ममिति॑ सं—ग्रा॒मम्⁠। इन्द्रा॑य म॒रुत्व॑ते⁠। म॒रुत्व॑ते पृश्ञिस॒क्थम्⁠। पृ॒श्ञि॒स॒क्थमा⁠। पृ॒श्ञि॒स॒क्थमिति॑ पृश्ञि—स॒क्थम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ ग्राम॑कामः⁠। ग्राम॑काम॒ इन्द्र᳚म्⁠। ग्राम॑काम॒ इति॒ ग्राम॑—का॒मः॒⁠। इन्द्र॑मे॒व⁠। ए॒व म॒रुत्व॑न्तम्⁠। म॒रुत्व॑न्त॒ꣴ॒ स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ स॒जा॒तान्⁠। स॒जा॒तान् प्र⁠। स॒जा॒तानिति॑ स—जा॒तान्⁠। प्र य॑च्छति⁠। य॒च्छ॒ति॒ ग्रा॒मी⁠। ग्रा॒म्ये॑व⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ यत्⁠। यदृ॑ष॒भः⁠। ऋ॒ष॒भस्तेन॑⁠। तेनै॒न्द्रः⁠। [१७] ऐ॒न्द्रो यत्⁠। यत् पृश्ञिः॑⁠। पृश्ञि॒स्तेन॑⁠। तेन॑ मारु॒तः⁠। मा॒रु॒तः समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्यै प॒श्चात्⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। प॒श्चात् पृ॑श्ञिस॒क्थः⁠। पृ॒श्ञि॒स॒क्थो भ॑वति⁠। पृ॒श्ञि॒स॒क्थ इति॑ पृश्ञि—स॒क्थः⁠। भ॒व॒ति॒ प॒श्चा॒द॒न्व॒व॒सा॒यिनी᳚म्⁠। प॒श्वा॒द॒न्व॒व॒सा॒यिनी॑मे॒व⁠। प॒श्चा॒द॒न्व॒व॒सा॒यिनी॒मिति॑ पश्चात्—अ॒न्व॒व॒सा॒यिनी᳚म्⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ विश᳚म्⁠। विश॑म् करोति⁠। क॒रो॒ति॒ सौ॒म्यम्⁠। सौ॒म्यम् ब॒भ्रुम्⁠। ब॒भ्रुमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒तान्न॑कामः⁠। अन्न॑कामः सौ॒म्यम्⁠। अन्न॑काम॒ इत्यन्न॑—का॒मः॒⁠। सौ॒म्यव्ँवै⁠। वा अन्न᳚म्⁠। अन्न॒ꣳ॒ सोम᳚म्⁠। सोम॑मे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मा॒ अन्न᳚म्⁠। अन्न॒म् प्र⁠। प्र य॑च्छति⁠। य॒च्छ॒त्य॒न्ना॒दः⁠। अ॒न्ना॒द ए॒व⁠। अ॒न्ना॒द इत्य॑न्न—अ॒दः⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ ब॒भ्रुः⁠। ब॒भ्रुर्,भ॑वति⁠। भ॒व॒त्ये॒तत्⁠। ए॒तद् वै⁠। वा अन्न॑स्य⁠। अन्न॑स्य रू॒पम्⁠। रू॒पꣳ समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्यै सौ॒म्यम्⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। सौ॒म्यम् ब॒भ्रुम्⁠। ब॒भ्रुमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ यम्⁠। यमल᳚म्⁠। अल॑ꣳ रा॒ज्याय॑⁠। [१८] रा॒ज्याय॒ सन्त᳚म्⁠। सन्त॑ꣳ रा॒ज्यम्⁠। रा॒ज्यम् न⁠। नोप॒नमे᳚त्⁠। उ॒प॒नमे᳚थ् सौ॒म्यम्⁠। उ॒प॒नमे॒दित्यु॑प—नमे᳚त्⁠। सौ॒म्यव्ँवै⁠। वै रा॒ज्यम्⁠। रा॒ज्यꣳ सोम᳚म्⁠। सोम॑मे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ रा॒ज्यम्⁠। रा॒ज्यम् प्र⁠। प्र य॑च्छति⁠। य॒च्छ॒त्युप॑⁠। उपै॑नम्⁠। ए॒न॒ꣳ॒ रा॒ज्यम्⁠। रा॒ज्यम् न॑मति⁠। न॒म॒ति॒ ब॒भ्रुः⁠। ब॒भ्रुर् भ॑वति⁠। भ॒व॒त्ये॒तत्⁠। ए॒तद् वै⁠। वै सोम॑स्य⁠। सोम॑स्य रू॒पम्⁠। रू॒पꣳ समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्या॒ इन्द्रा॑य⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। इन्द्रा॑य वृत्र॒तुरे᳚⁠। वृ॒त्र॒तुरे॑ ल॒लाम᳚म्⁠। वृ॒त्र॒तुर॒ इति॑ वृत्र—तुरे᳚⁠। ल॒लाम॑म् प्राशृ॒ङ्‍गम्⁠। प्रा॒शृ॒ङ्‍गमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ ग॒तश्रीः᳚⁠। ग॒तश्रीः᳚ प्रति॒ष्ठाका॑मः⁠। ग॒तश्री॒रिति॑ ग॒त—श्रीः॒⁠। प्र॒ति॒ष्ठाका॑मः पा॒प्मान᳚म्⁠। प्र॒ति॒ष्ठाका॑म॒ इति॑ प्रति॒ष्ठा—का॒मः॒⁠। पा॒प्मान॑मे॒व⁠। ए॒व वृ॒त्रम्⁠। वृ॒त्रम् ती॒र्त्वा⁠। ती॒र्त्वा प्र॑ति॒ष्ठाम्⁠। प्र॒ति॒ष्ठाम् ग॑च्छति⁠। प्र॒ति॒ष्ठामिति॑ प्रति—स्थाम्⁠। ग॒च्छ॒तीन्द्रा॑य⁠। इन्द्रा॑याभिमाति॒घ्ने⁠। अ॒भि॒मा॒ति॒घ्ने ल॒लाम᳚म्⁠। अ॒भि॒मा॒ति॒घ्न इत्य॑भिमाति—घ्ने⁠। ल॒लाम॑म् प्राशृ॒ङ्‍गम्⁠। प्रा॒शृ॒ङ्‍गमा⁠। आ ल॑भेत⁠। [१९] ल॒भे॒त॒ यः⁠। यः पा॒प्मना᳚⁠। पा॒प्मना॑ गृही॒तः⁠। गृ॒ही॒तः स्यात्⁠। स्यात्,पा॒प्मा⁠। पा॒प्मा वै⁠। वा अ॒भिमा॑तिः⁠। अ॒भिमा॑ति॒रिन्द्र᳚म्⁠। अ॒भिमा॑ति॒रित्य॒भि—मा॒तिः॒⁠। इन्द्र॑मे॒व⁠। ए॒वाभि॑माति॒हन᳚म्⁠। अ॒भि॒मा॒ति॒हन॒ꣴ॒ स्वेन॑⁠। अ॒भि॒मा॒ति॒हन॒मित्य॑भिमाति—हन᳚म्⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मा᳚त्⁠। अ॒स्मा॒त् पा॒प्मान᳚म्⁠। पा॒प्मान॑म॒भिमा॑तिम्⁠। अ॒भिमा॑ति॒म् प्र⁠। अ॒भिमा॑ति॒मित्य॒भि—मा॒ति॒म्⁠। प्र णु॑दते⁠। नु॒द॒त॒ इन्द्रा॑य⁠। इन्द्रा॑य व॒ज्रिणे᳚⁠। व॒ज्रिणे॑ ल॒लाम᳚म्⁠। ल॒लाम॑म् प्राशृ॒ङ्‍गम्⁠। प्रा॒शृ॒ङ्‍गमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ यम्⁠। यमल᳚म्⁠। अल॑ꣳ रा॒ज्याय॑⁠। रा॒ज्याय॒ सन्त᳚म्⁠। सन्त॑ꣳ रा॒ज्यम्⁠। रा॒ज्यम् न⁠। नोप॒नमे᳚त्⁠। उ॒प॒नमे॒दिन्द्र᳚म्⁠। उ॒प॒नमे॒दित्यु॑प—नमे᳚त्⁠। इन्द्र॑मे॒व⁠। ए॒व व॒ज्रिण᳚म्⁠। व॒ज्रिण॒ꣴ॒ स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ वज्र᳚म्⁠। वज्र॒म् प्र⁠। प्र य॑च्छति⁠। य॒च्छ॒ति॒ सः⁠। स ए॑नम्⁠। ए॒न॒व्ँवज्रः॑⁠। वज्रो॒ भूत्यै᳚⁠। भूत्या॑ इन्धे⁠। इ॒न्ध॒ उप॑⁠। उपै॑नम्⁠। ए॒न॒ꣳ॒ रा॒ज्यम्⁠। रा॒ज्यम् न॑मति⁠। न॒म॒ति॒ ल॒लामः॑⁠। ल॒लामः॑ प्राशृ॒ङ्‍गः⁠। प्रा॒शृ॒ङ्‍गो भ॑वति⁠। भ॒व॒त्ये॒तत्⁠। ए॒तद् वै⁠। वै वज्र॑स्य⁠। वज्र॑स्य रू॒पम्⁠। रू॒पꣳ समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠॥ [२०] (स॒ङ्ग्रा॒मे तेना ल॑ मभिमाति॒घ्ने ल॒लामं॑ प्राशृ॒ङ्गमै नं॒ पञ्च॑दश च) ॥३॥
अ॒सावा॑दि॒त्यः⁠। आ॒दि॒त्यो न⁠। न वि⁠। व्य॑रोचत⁠। अ॒रो॒च॒त॒ तस्मै᳚⁠। तस्मै॑ दे॒वाः⁠। दे॒वाः प्राय॑श्चित्तिम्⁠। प्राय॑श्चित्तिमैच्छन्न्⁠। ऐ॒च्छ॒न्,तस्मै᳚⁠। तस्मा॑ ए॒ताम्⁠। ए॒ताम् दश॑र्‌षभाम्⁠। दश॑र्‌षभा॒मा⁠। दश॑र्‌षभा॒मिति॒ दश॑—ऋ॒ष॒भा॒म्⁠। आऽल॑भन्त⁠। अ॒ल॒भ॒न्त॒ तया᳚⁠। तयै॒व⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न् रुच᳚म्⁠। रुच॑मदधुः⁠। अ॒द॒धु॒र् यः⁠। यो ब्र॑ह्मवर्च॒सका॑मः⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सका॑मः॒ स्यात्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सका॑म॒ इति॑ ब्रह्मवर्च॒स—का॒मः॒⁠। स्यात् तस्मै᳚⁠। तस्मा॑ ए॒ताम्⁠। ए॒ताम् दश॑र्‌षभाम्⁠। दश॑र्‌षभा॒मा⁠। दश॑र्‌षभा॒मिति॒ दश॑—ऋ॒ष॒भा॒म्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒ता॒मुम्⁠। अ॒मुमे॒व⁠। ए॒वादि॒त्यम्⁠। आ॒दि॒त्यꣴ स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न् ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सम्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सम् द॑धाति⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समिति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सम्⁠। द॒धा॒ति॒ ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सी⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒स्ये॑व⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सीति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सी⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ व॒सन्ता᳚⁠। व॒सन्ता᳚ प्रा॒तः⁠। प्रा॒तस्त्रीन्⁠। त्री॒ल्ँल॒लामा॑न्⁠। ल॒लामा॒ना⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ ग्री॒ष्मे⁠। ग्री॒ष्मे म॒द्ध्यन्दि॑ने⁠। म॒द्ध्यन्दि॑ने॒ त्रीन्⁠। [२१] त्रीञ्छि॑तिपृ॒ष्ठान्⁠। शि॒ति॒पृ॒ष्ठाञ्छ॒रदि॑⁠। शि॒ति॒पृ॒ष्ठानिति॑ शिति—पृ॒ष्ठान्⁠। श॒रद्य॑परा॒ह्णे⁠। अ॒प॒रा॒ह्णे त्रीन्⁠। अ॒प॒रा॒ह्ण इत्य॑पर—अ॒ह्ने⁠। त्रीञ्छि॑ति॒वारा॑न्⁠। शि॒ति॒वारा॒न् त्रीणि॑⁠। शि॒ति॒वारा॒निति॑ शिति—वारा॑न्⁠। त्रीणि॒ वै⁠। वा आ॑दि॒त्यस्य॑⁠। आ॒दि॒त्यस्य॒ तेजा॑ꣳसि⁠। तेजा॑ꣳसि व॒सन्ता᳚⁠। व॒सन्ता᳚ प्रा॒तः⁠। प्रा॒तर् ग्री॒ष्मे⁠। ग्री॒ष्मे म॒द्ध्यन्दि॑ने⁠। म॒द्ध्यन्दि॑ने श॒रदि॑⁠। श॒रद्य॑परा॒ह्णे⁠। अ॒प॒रा॒ह्णे याव॑न्ति⁠। अ॒प॒रा॒ह्ण इत्य॑पर—अ॒ह्ने⁠। याव॑न्त्ये॒व⁠। ए॒व तेजा॑ꣳसि⁠। तेजा॑ꣳसि॒ तानि॑⁠। तान्ये॒व⁠। ए॒वाव॑⁠। अव॑ रुन्धे⁠। रु॒न्धे॒ त्रय॑स्त्रयः⁠। त्रय॑स्त्रय॒ आ⁠। त्रय॑स्त्रय॒ इति॒ त्रयः॑—त्र॒यः॒⁠। आ ल॑भ्यन्ते⁠। ल॒भ्य॒न्ते॒ ऽभि॒पू॒र्वम्⁠। अ॒भि॒पू॒र्वमे॒व⁠। अ॒भि॒पू॒र्वमित्य॑भि—पू॒र्वम्⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न्,तेजः॑⁠। तेजो॑ दधाति⁠। द॒धा॒ति॒ स॒व्ँव॒थ्स॒रम्⁠। स॒व्ँव॒थ्स॒रं प॒र्याल॑भ्यन्ते⁠। स॒व्ँव॒थ्स॒रमिति॑ सं—व॒थ्स॒रम्⁠। प॒र्याल॑भ्यन्ते सव्ँवथ्स॒रः⁠। प॒र्याल॑भ्यन्त॒ इति॑ परि—आल॑भ्यन्ते⁠। स॒व्ँव॒थ्स॒रो वै⁠। स॒व्ँव॒थ्स॒र इति॑ सं—व॒थ्स॒रः⁠। वै ब्र॑ह्मवर्च॒सस्य॑⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सस्य॑ प्रदा॒ता⁠। ब॒ह्म॒व॒र्च॒सस्येति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सस्य॑⁠। प्र॒दा॒ता स॑व्ँवथ्स॒रः⁠। प्र॒दा॒तेति॑ प्र—दा॒ता⁠। स॒व्ँव॒थ्स॒र ए॒व⁠। स॒व्ँव॒थ्स॒र इति॑ सं—व॒थ्स॒रः⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सम्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सम् प्र⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समिति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सम्⁠। प्र य॑च्छति⁠। य॒च्छ॒ति॒ ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सी⁠। ब॒ह्म॒व॒र्च॒स्ये॑व⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सीति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सी⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ स॒व्ँव॒थ्स॒रस्य॑⁠। स॒व्ँव॒थ्स॒रस्य॑ प॒रस्ता᳚त्⁠। स॒व्ँव॒थ्स॒रस्येति॑ सं—व॒थ्स॒रस्य॑⁠। प॒रस्ता᳚त्,प्राजाप॒त्यम्⁠। प्रा॒जा॒प॒त्यम् कद्रु᳚म्⁠। प्रा॒जा॒प॒त्यमिति॑ प्राजा—प॒त्यम्⁠। कद्रु॒मा⁠। [२२] आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ प्र॒जाप॑तिः⁠। प्र॒जाप॑तिः॒ सर्वाः᳚⁠। प्र॒जाप॑ति॒रिति॑ प्र॒जा—प॒तिः॒⁠। सर्वा॑ दे॒वताः᳚⁠। दे॒वता॑ दे॒वता॑सु⁠। दे॒वता᳚स्वे॒व⁠। ए॒व प्रति॑⁠। प्रति॑ तिष्ठति⁠। ति॒ष्ठ॒ति॒ यदि॑⁠। यदि॑ बिभी॒यात्⁠। बि॒भी॒याद् दु॒श्चर्मा᳚⁠। दु॒श्चर्मा॑ भविष्यामि⁠। दु॒श्चर्मेति॑ दुः—चर्मा᳚⁠। भ॒वि॒ष्या॒मीति॑⁠। इति॑ सोमापौ॒ष्णम्⁠। सो॒मा॒पौ॒ष्णꣴ श्या॒मम्⁠। सो॒मा॒पौ॒ष्णमिति॑ सोमा—पौ॒ष्णम्⁠। श्या॒ममा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ सौ॒म्यः⁠। सौ॒म्यो वै⁠। वै दे॒वत॑या⁠। दे॒वत॑या॒ पुरु॑षः⁠। पुरु॑षः पौ॒ष्णाः⁠। पौ॒ष्णाः प॒शवः॑⁠। प॒शवः॒ स्वया᳚⁠। स्वयै॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ दे॒वत॑या⁠। दे॒वत॑या प॒शुभिः॑⁠। प॒शुभि॒ स्त्वच᳚म्⁠। प॒शुभि॒रिति॑ प॒शु—भिः॒⁠। त्वच॑म् करोति⁠। क॒रो॒ति॒ न⁠। न दु॒श्चर्मा᳚⁠। दु॒श्चर्मा॑ भवति⁠। दु॒श्चर्मेति॑ दुः—चर्मा᳚⁠। भ॒व॒ति॒ दे॒वाः⁠। दे॒वाश्च॑⁠। च॒ वै⁠। वै य॒मः⁠। य॒मश्च॑⁠। चा॒स्मिन्न्⁠। अ॒स्मिल्ँलो॒के⁠। लो॒के᳚ऽस्पर्द्धन्त⁠। अ॒स्प॒र्द्ध॒न्त॒ सः⁠। स य॒मः⁠। य॒मो दे॒वाना᳚म्⁠। दे॒वाना॑मिन्द्रि॒यम्⁠। इ॒न्द्रि॒यव्ँवी॒र्य᳚म्⁠। वी॒र्य॑मयुवत⁠। अ॒यु॒व॒त॒ तत्⁠। तद् य॒मस्य॑⁠। य॒मस्य॑ यम॒त्वम्⁠। [२३] य॒म॒त्वं ते⁠। य॒म॒त्वमिति॑ यम—त्वम्⁠। ते दे॒वाः⁠। दे॒वा अ॑मन्यन्त⁠। अ॒म॒न्य॒न्त॒ य॒मः⁠। य॒मो वै⁠। वा इ॒दम्⁠। इ॒दम॑भूत्⁠। अ॒भू॒द् यत्⁠। यद् व॒यम्⁠। व॒यꣴ स्मः⁠। स्म इति॑⁠। इति॒ ते⁠। ते प्र॒जाप॑तिम्⁠। प्र॒जाप॑ति॒मुप॑⁠। प्र॒जाप॑ति॒मिति॑ प्र॒जा—प॒ति॒म्⁠। उपा॑धावन्न्⁠। अ॒धा॒व॒न्थ् सः⁠। स ए॒तौ⁠। ए॒तौ प्र॒जाप॑तिः⁠। प्र॒जाप॑ति,रा॒त्मनः॑⁠। प्र॒जाप॑ति॒रिति॑ प्र॒जा—प॒तिः॒⁠। आ॒त्मन॑ उख्‍षव॒शौ⁠। उ॒ख्‍ष॒व॒शौ निः⁠। उ॒ख्‍ष॒व॒शावित्यु॑ख्‍ष—व॒शौ⁠। निर॑मिमीत⁠। अ॒मि॒मी॒त॒ ते⁠। ते दे॒वाः⁠। दे॒वा वै᳚ष्णावरु॒णीम्⁠। वै॒ष्णा॒व॒रु॒णीव्ँव॒शाम्⁠। वै॒ष्णा॒व॒रु॒णीमिति॑ वैष्णा—व॒रु॒णीम्⁠। व॒शामा⁠। आ ऽल॑भन्त⁠। अ॒ल॒भ॒न्तै॒न्द्रम्⁠। ऐ॒न्द्रमु॒ख्‍षाण᳚म्⁠। उ॒ख्‍षाणं॒ तम्⁠। तव्ँवरु॑णेन⁠। वरु॑णेनै॒व⁠। ए॒व ग्रा॑हयि॒त्वा⁠। ग्रा॒ह॒यि॒त्वा विष्णु॑ना⁠। विष्णु॑ना य॒ज्ञेन॑⁠। य॒ज्ञेन॒ प्र⁠। प्राणु॑दन्त⁠। अ॒नु॒द॒न्तै॒न्द्रेण॑⁠। ऐ॒न्द्रेणै॒व⁠। ए॒वास्य॑⁠। अ॒स्ये॒न्द्रि॒यम्⁠। इ॒न्द्रि॒यम॑वृञ्चत⁠। अ॒वृ॒ञ्च॒त॒ यः⁠। यो भ्रातृ॑व्यवान्⁠। भातृ॑व्यवा॒न्थ् स्यात्⁠। भातृ॑व्यवा॒निति॒ भातृ॑व्य—वा॒न्॒⁠। स्याथ् सः⁠। स स्पर्द्ध॑मानः⁠। स्पर्द्ध॑मानो वैष्णावरु॒णीम्⁠। वै॒षा॒व॒रु॒णीव्ँव॒शाम्⁠। वै॒ष्णा॒व॒रु॒णीमिति॑ वैष्णा—व॒रु॒णीं⁠। [२४] व॒शामा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒तै॒न्द्रम्⁠। ऐ॒न्द्रमु॒ख्‍षाण᳚म्⁠। उ॒ख्‍षाण॒व्ँवरु॑णेन⁠। वरु॑णेनै॒व⁠। ए॒व भ्रातृ॑व्यम्⁠। भ्रातृ॑व्यं ग्राहयि॒त्वा⁠। ग्रा॒ह॒यि॒त्वा विष्णु॑ना⁠। विष्णु॑ना य॒ज्ञेन॑⁠। य॒ज्ञेन॒ प्र⁠। प्र णु॑दते⁠। नु॒द॒त॒ ऐ॒न्द्रेण॑⁠। ऐ॒न्द्रेणै॒व⁠। ए॒वास्य॑⁠। अ॒स्ये॒न्द्रि॒यम्⁠। इ॒न्द्रि॒यव्ँवृ॑ङ्‍क्ते⁠। वृ॒ङ्‍क्ते॒ भव॑ति⁠। भव॑त्या॒त्मना᳚⁠। आ॒त्मना॒ परा᳚⁠। परा᳚ऽस्य⁠। अ॒स्य॒ भ्रातृ॑व्यः⁠। भ्रातृ॑व्यो भवति⁠। भ॒व॒तीन्द्रः॑⁠। इन्द्रो॑ वृ॒त्रम्⁠। वृ॒त्रम॑हन्न्⁠। अ॒ह॒न् तम्⁠। तव्ँवृ॒त्रः⁠। वृ॒त्रो ह॒तः⁠। ह॒तः षो॑ड॒शभिः॑⁠। षो॒ड॒शभि॑र् भो॒गैः⁠। षो॒ड॒शभि॒रिति॑ षोड॒श—भिः॒⁠। भो॒गैर॑सिनात्⁠। अ॒सि॒ना॒त् तस्य॑⁠। तस्य॑ वृ॒त्रस्य॑⁠। वृ॒त्रस्य॑ शीर्‌ष॒तः⁠। शी॒र्॒॒‌ष॒तो गावः॑⁠। गाव॒ उत्⁠। उदा॑यन्न्⁠। आ॒य॒न् ताः⁠। ता वै॑दे॒ह्यः॑⁠। वै॒दे॒ह्यो॑ ऽभवन्न्⁠। अ॒भ॒व॒न् तासा᳚म्⁠। तासा॑मृष॒भः⁠। ऋ॒ष॒भो ज॒घने᳚⁠। ज॒घनेऽनु॑⁠। अनूत्⁠। उदै᳚त्⁠। ऐ॒त् तम्⁠। तमिन्द्रः॑⁠। इन्द्रो॑ ऽचायत्⁠। [२५] अ॒चा॒य॒थ् सः⁠। सो॑ ऽमन्यत⁠। अ॒म॒न्य॒त॒ यः⁠। यो वै⁠। वा इ॒मम्⁠। इ॒ममा॒लभे॑त⁠। आ॒लभे॑त॒ मुच्ये॑त⁠। आ॒लभे॒तेत्या᳚—लभे॑त⁠। मुच्ये॑ता॒स्मात्⁠। अ॒स्मात् पा॒प्मनः॑⁠। पा॒प्मन॒ इति॑⁠। इति॒ सः⁠। स आ᳚ग्ने॒यम्⁠। आ॒ग्ने॒यं कृ॒ष्णग्री॑वम्⁠। कृ॒ष्णग्री॑व॒मा⁠। कृ॒ष्णग्री॑व॒मिति॑ कृ॒ष्ण—ग्री॒व॒म्⁠। आऽल॑भत⁠। अ॒ल॒भ॒तै॒न्द्रम्⁠। ऐ॒न्द्रमृ॑ष॒भम्⁠। ऋ॒ष॒भं तस्य॑⁠। तस्या॒ग्निः⁠। अ॒ग्निरे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑सृतः⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑सृतः षोडश॒धा⁠। उप॑सृत॒ इत्युप॑—सृ॒तः॒⁠। षो॒ड॒श॒धा वृ॒त्रस्य॑⁠। षो॒ड॒श॒धेति॑ षोडश—धा⁠। वृ॒त्रस्य॑ भो॒गान्⁠। भो॒गानपि॑⁠। अप्य॑दहत्⁠। अ॒द॒ह॒दै॒न्द्रेण॑⁠। ऐ॒न्द्रेणे᳚न्द्रि॒यम्⁠। इ॒न्द्रि॒यमा॒त्मन्न्⁠। आ॒त्मन्न॑धत्त⁠। अ॒ध॒त्त॒ यः⁠। यः पा॒प्मना᳚⁠। पा॒प्मना॑ गृही॒तः⁠। गृ॒ही॒तः स्यात्⁠। स्याथ् सः⁠। स आ᳚ग्ने॒यम्⁠। आ॒ग्ने॒यं कृ॒ष्णग्री॑वम्⁠। कृ॒ष्णग्री॑व॒मा⁠। कृ॒ष्णग्री॑व॒मिति॑ कृ॒ष्ण—ग्री॒व॒म्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒तै॒न्द्रम्⁠। ऐ॒न्द्रमृ॑ष॒भम्⁠। ऋ॒ष॒भम॒ग्निः⁠। अ॒ग्निरे॒व⁠। ए॒वास्य॑⁠। अ॒स्य॒ स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑सृतः⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑सृतः पा॒प्मान᳚म्⁠। उप॑सृत॒ इत्युप॑—सृ॒तः॒⁠। [२६] पा॒प्मान॒मपि॑⁠। अपि॑ दहति⁠। द॒ह॒त्यै॒न्द्रेण॑⁠। ऐ॒न्द्रेणे᳚न्द्रि॒यम्⁠। इ॒न्द्रि॒यमा॒त्मन्न्⁠। आ॒त्मन् ध॑त्ते⁠। ध॒त्ते॒ मुच्य॑ते⁠। मुच्य॑ते पा॒प्मनः॑⁠। पा॒प्मनो॒ भव॑ति⁠। भव॑त्ये॒व⁠। ए॒व द्या॑वापृथि॒व्या᳚म्⁠। द्या॒वा॒पृ॒थि॒व्या᳚म् धे॒नुम्⁠। द्या॒वा॒पृ॒थि॒व्या॑मिति॑ द्यावा—पृ॒थि॒व्या᳚म्⁠। धे॒नुमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ ज्योग॑परुद्धः⁠। ज्योग॑परुद्धो॒ ऽनयोः᳚⁠। ज्योग॑परुद्ध॒ इति॒ ज्योक्—अ॒प॒रु॒द्धः॒⁠। अ॒नयो॒र्॒‌हि⁠। हि वै⁠। वा ए॒षः⁠। ए॒षोऽप्र॑तिष्ठितः⁠। अप्र॑तिष्ठि॒तोऽथ॑⁠। अप्र॑तिष्ठित॒ इत्यप्र॑ति—स्थि॒तः॒⁠। अथै॒षः⁠। ए॒ष ज्योक्⁠। ज्योगप॑रुद्धः⁠। अप॑रुद्धो॒ द्यावा॑पृथि॒वी⁠। अप॑रुद्ध॒ इत्यप॑—रु॒द्धः॒⁠। द्यावा॑पृथि॒वी ए॒व⁠। द्यावा॑पृथि॒वी इति॒ द्यावा᳚—पृ॒थि॒वी⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ ते⁠। ते ए॒व⁠। ते इति॒ ते⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒म् प्र॒ति॒ष्ठाम्⁠। प्र॒ति॒ष्ठाम् ग॑मयतः⁠। प्र॒ति॒ष्ठामिति॑ प्रति—स्थाम्⁠। ग॒म॒य॒तः॒ प्रति॑⁠। प्रत्ये॒व⁠। ए॒व ति॑ष्ठति⁠। ति॒ष्ठ॒ति॒ प॒र्या॒रिणी᳚⁠। प॒र्या॒रिणी॑ भवति⁠। भ॒व॒ति॒ प॒र्या॒री⁠। प॒र्या॒रीव॑⁠। इ॒व॒ हि⁠। ह्ये॑तस्य॑⁠। ए॒तस्य॑ रा॒ष्ट्रम्⁠। रा॒ष्ट्रय्ँयः⁠। यो ज्योग॑परुद्धः⁠। ज्योग॑परुद्धः॒ समृ॑द्ध्यै⁠। ज्योग॑परुद्ध॒ इति॒ ज्योक्—अ॒प॒रु॒द्धः॒⁠। समृ॑द्ध्यै वाय॒व्य᳚म्⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। वा॒य॒व्य॑व्ँव॒थ्सम्⁠। [२७] व॒थ्समा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ वा॒युः⁠। वा॒युर् वै⁠। वा अ॒नयोः᳚⁠। अ॒नयो᳚र् व॒थ्सः⁠। व॒थ्स इ॒मे⁠। इ॒मे वै⁠। वा ए॒तस्मै᳚⁠। ए॒तस्मै॑ लो॒काः⁠। लो॒का अप॑शुष्काः⁠। अप॑शुष्का॒ विट्⁠। अप॑शुष्का॒ इत्यप॑—शु॒ष्काः॒⁠। विडप॑शुष्का⁠। अप॑शु॒ष्काऽथ॑⁠। अप॑शु॒ष्केत्यप॑—शु॒ष्का॒⁠। अथै॒षः⁠। ए॒ष ज्योक्⁠। ज्योगप॑रुद्धः⁠। अप॑रुद्धो वा॒युम्⁠। अप॑रुद्ध॒ इत्यप॑—रु॒द्धः॒⁠। वा॒युमे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मा॒ इ॒मान्⁠। इ॒माल्ँलो॒कान्⁠। लो॒कान्‌विश᳚म्⁠। विशं॒ प्र⁠। प्र दा॑पयति⁠। दा॒प॒य॒ति॒ प्र⁠। प्रास्मै᳚⁠। अ॒स्मा॒ इ॒मे⁠। इ॒मे लो॒काः⁠। लो॒काः स्नु॑वन्ति⁠। स्नु॒व॒न्ति॒ भु॒ञ्ज॒ती⁠। भु॒ञ्ज॒त्ये॑नम्⁠। ए॒न॒व्ँविट्⁠। विडुप॑⁠। उप॑ तिष्ठते⁠। ति॒ष्ठ॒त॒ इति॑ तिष्ठते⁠॥ [२८] (म॒द्ध्यन्दि॑ने॒ कद्रुं॑ य॒मस्य॒ स्पर्द्ध॑मानो वैष्णावरु॒णीं तमिन्द्रो᳚ ऽस्य॒ स्वेन॑ भाग॒धेये॒नोप॑सृतो वाय॒व्यं॑ द्विच॑त्वारिꣳशच्च) ॥४॥
इन्द्रो॑ व॒लस्य॑⁠। व॒लस्य॒ बिल᳚म्⁠। बिल॒मप॑⁠। अपौ᳚र्णोत्⁠। औ॒र्णो॒थ् सः⁠। स यः⁠। य उ॑त्त॒मः⁠। उ॒त्त॒मः प॒शुः⁠। उ॒त्त॒म इत्यु॑त्—त॒मः⁠। प॒शुरासी᳚त्⁠। आसी॒त् तम्⁠। तम् पृ॒ष्ठम्⁠। पृ॒ष्ठम् प्रति॑⁠। प्रति॑ स॒ङ्‍गृह्य॑⁠। स॒ङ्‍गृह्योत्⁠। स॒ङ्‍गृह्येति॑ सं—गृह्य॑⁠। उद॑क्खिदत्⁠। अ॒क्खि॒द॒त् तम्⁠। तꣳ स॒हस्र᳚म्⁠। स॒हस्र॑म् प॒शवः॑⁠। प॒शवोऽनु॑⁠। अनूत्⁠। उदा॑यन्न्⁠। आ॒य॒न्थ् सः⁠। स उ॑न्न॒तः⁠। उ॒न्न॒तो॑ऽभवत्⁠। उ॒न्न॒त इत्यु॑त्—न॒तः⁠। अ॒भ॒व॒द् यः⁠। यः प॒शुका॑मः⁠। प॒शुका॑मः॒ स्यात्⁠। प॒शुका॑म॒ इति॑ प॒शु—का॒मः॒⁠। स्याथ् सः⁠। स ए॒तम्⁠। ए॒तमै॒न्द्रम्⁠। ऐ॒न्द्रमु॑न्न॒तम्⁠। उ॒न्न॒तमा⁠। उ॒न्न॒तमित्यु॑त्—न॒तम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒तेन्द्र᳚म्⁠। इन्द्र॑मे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ प॒शून्⁠। प॒शून् प्र⁠। प्र य॑च्छति⁠। य॒च्छ॒ति॒ प॒शु॒मान्⁠। प॒शु॒माने॒व⁠। प॒शु॒मानिति॑ पशु—मान्⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒त्यु॒न्न॒तः⁠। उ॒न्न॒तो भ॑वति⁠। उ॒न्न॒त इत्यु॑त्—न॒तः⁠। [२९] भ॒व॒ति॒ सा॒ह॒स्री⁠। सा॒ह॒स्री वै⁠। वा ए॒षा⁠। ए॒षा ल॒ख्‍ष्मी⁠। ल॒ख्‍ष्मी यत्⁠। यदु॑न्न॒तः⁠। उ॒न्न॒तो ल॒ख्‍ष्मिया᳚⁠। उ॒न्न॒त इत्यु॑त्—न॒तः⁠। ल॒ख्‍ष्मियै॒व⁠। ए॒व प॒शून्⁠। प॒शूनव॑⁠। अव॑ रुन्धे⁠। रु॒न्धे॒ य॒दा⁠। य॒दा स॒हस्र᳚म्⁠। स॒हस्र॑म् प॒शून्⁠। प॒शून् प्रा᳚प्नु॒यात्⁠। प्रा॒प्नु॒यादथ॑⁠। प्रा॒प्नु॒यादिति॑ प्र—आ॒प्नु॒यात्⁠। अथ॑ वैष्ण॒वम्⁠। वै॒ष्ण॒वव्ँवा॑म॒नम्⁠। वा॒म॒नमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒तै॒तस्मि॑न्न्⁠। ए॒तस्मि॒न् वै⁠। वै तत्⁠। तथ् स॒हस्र᳚म्⁠। स॒हस्र॒मधि॑⁠। अद्ध्य॑तिष्ठत्⁠। अ॒ति॒ष्ठ॒त् तस्मा᳚त्⁠। तस्मा॑दे॒षः⁠। ए॒ष वा॑म॒नः⁠। वा॒म॒नः समी॑षितः⁠। समी॑षितः प॒शुभ्यः॑⁠। समी॑षित॒ इति॒ सं—ई॒षि॒तः॒⁠। प॒शुभ्य॑ ए॒व⁠। प॒शुभ्य॒ इति॑ प॒शु—भ्यः॒⁠। ए॒व प्रजा॑तेभ्यः⁠। प्रजा॑तेभ्यः प्रति॒ष्ठाम्⁠। प्रजा॑तेभ्य॒ इति॒ प्र—जा॒ते॒भ्यः॒⁠। प्र॒ति॒ष्ठाम् द॑धाति⁠। प्र॒ति॒ष्ठामिति॑ प्रति—स्थाम्⁠। द॒धा॒ति॒ कः⁠। को॑ऽर्‌हति⁠। अ॒र्॒‌ह॒ति॒ स॒हस्र᳚म्⁠। स॒हस्र॑म् प॒शून्⁠। प॒शून् प्राप्तु᳚म्⁠। प्राप्तु॒मिति॑⁠। प्राप्तु॒मिति॒ प्र—आ॒प्तु॒म्⁠। इत्या॑हुः⁠। आ॒हु॒र॒हो॒रा॒त्राणि॑⁠। अ॒हो॒रा॒त्राण्ये॒व⁠। अ॒हो॒रा॒त्राणीत्य॑हः—रा॒त्राणि॑⁠। ए॒व स॒हस्र᳚म्⁠। स॒हस्र॑ꣳ स॒म्पाद्य॑⁠। स॒म्पाद्या⁠। स॒म्पाद्येति॑ सं—पाद्य॑⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ प॒शवः॑⁠। [३०] प॒शवो॒ वै⁠। वा अ॑होरा॒त्राणि॑⁠। अ॒हो॒रा॒त्राणि॑ प॒शून्⁠। अ॒हो॒रा॒त्राणीत्य॑हः—रा॒त्राणि॑⁠। प॒शूने॒व⁠। ए॒व प्रजा॑तान्⁠। प्रजा॑तान् प्रति॒ष्ठाम्⁠। प्रजा॑ता॒निति॒ प्र—जा॒ता॒न्॒⁠। प्र॒ति॒ष्ठाम् ग॑मयति⁠। प्र॒ति॒ष्ठामिति॑ प्रति—स्थाम्⁠। ग॒म॒य॒त्योष॑धीभ्यः⁠। ओष॑धीभ्यो वे॒हत᳚म्⁠। ओष॑धीभ्य॒ इत्योष॑धि—भ्यः॒⁠। वे॒हत॒मा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ प्र॒जाका॑मः⁠। प्र॒जाका॑म॒ ओष॑धयः⁠। प्र॒जाका॑म॒ इति॑ प्र॒जा—का॒मः॒⁠। ओष॑धयो॒ वै⁠। वा ए॒तम्⁠। ए॒तम् प्र॒जायै᳚⁠। प्र॒जायै॒ परि॑⁠। प्र॒जाया॒ इति॑ प्र—जायै᳚⁠। परि॑ बाधन्ते⁠। बा॒ध॒न्ते॒ यः⁠। योऽल᳚म्⁠। अल॑म् प्र॒जायै᳚⁠। प्र॒जायै॒ सन्न्⁠। प्र॒जाया॒ इति॑ प्र—जायै᳚⁠। सन् प्र॒जाम्⁠। प्र॒जाम् न⁠। प्र॒जामिति॑ प्र—जाम्⁠। न वि॒न्दते᳚⁠। वि॒न्दत॒ ओष॑धयः⁠। ओष॑धयः॒ खलु॑⁠। खलु॒ वै⁠। वा ए॒तस्यै᳚⁠। ए॒तस्यै॒ सूतु᳚म्⁠। सूतु॒मपि॑⁠। अपि॑ घ्नन्ति⁠। घ्न॒न्ति॒ या⁠। या वे॒हत्⁠। वे॒हद् भव॑ति⁠। भव॒त्योष॑धीः⁠। ओष॑धीरे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ ताः⁠। ता ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ स्वात्⁠। स्वाद् योनेः᳚⁠। योनेः᳚ प्र॒जाम्⁠। प्र॒जाम् प्र⁠। प्र॒जामिति॑ प्र—जाम्⁠। प्र ज॑नयन्ति⁠। ज॒न॒य॒न्ति॒ वि॒न्दते᳚⁠। वि॒न्दते᳚ प्र॒जाम्⁠। [३१] प्र॒जामापः॑⁠। प्र॒जामिति॑ प्र—जाम्⁠। आपो॒ वै⁠। वा ओष॑धयः⁠। ओष॑ध॒योऽस॑त्⁠। अस॒त् पुरु॑षः⁠। पुरु॑ष॒ आपः॑⁠। आप॑ ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मा॒ अस॑तः⁠। अस॑तः॒ सत्⁠। सद् द॑दति⁠। द॒द॒ति॒ तस्मा᳚त्⁠। तस्मा॑दाहुः⁠। आ॒हु॒र् यः⁠। यश्च॑⁠। चै॒वम्⁠। ए॒वव्ँवेद॑⁠। वेद॒ यः⁠। यश्च॑⁠। च॒ न⁠। नापः॑⁠। आप॒स्तु⁠। त्वाव⁠। वावास॑तः⁠। अस॑तः॒ सत्⁠। सद् द॑दति⁠। द॒द॒तीति॑⁠। इत्यै॒न्द्रीम्⁠। ऐ॒न्द्रीꣳ सू॒तव॑शाम्⁠। सू॒तव॑शा॒मा⁠। सू॒तव॑शा॒मिति॑ सू॒त—व॒शा॒म्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ भूति॑कामः⁠। भूति॑का॒मोऽजा॑तः⁠। भूति॑काम॒ इति॒ भूति॑—का॒मः॒⁠। अजा॑तो॒ वै⁠। वा ए॒षः⁠। ए॒ष यः⁠। योऽल᳚म्⁠। अल॒म् भूत्यै᳚⁠। भूत्यै॒ सन्न्⁠। सन् भूति᳚म्⁠। भूति॒म् न⁠। न प्रा॒प्नोति॑⁠। प्रा॒प्नोतीन्द्र᳚म्⁠। प्रा॒प्नोतीति॑ प्र—आ॒प्नोति॑⁠। इन्द्र॒म् खलु॑⁠। खलु॒ वै⁠। वा ए॒षा⁠। ए॒षा सू॒त्वा⁠। सू॒त्वा व॒शा⁠। व॒शा ऽभ॑वत्⁠। अ॒भ॒व॒दिन्द्र᳚म्⁠। [३२] इन्द्र॑मे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒म् भूति᳚म्⁠। भूति॑म् गमयति⁠। ग॒म॒य॒ति॒ भव॑ति⁠। भव॑त्ये॒व⁠। ए॒व यम्⁠। यꣳ सू॒त्वा⁠। सू॒त्वा व॒शा⁠। व॒शा स्यात्⁠। स्यात् तम्⁠। तमै॒न्द्रम्⁠। ऐ॒न्द्रमे॒व⁠। ए॒वा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒तै॒तत्⁠। ए॒तद् वाव⁠। वाव तत्⁠। तदि॑न्द्रि॒यम्⁠। इ॒न्द्रि॒यꣳ सा॒ख्‍षात्⁠। सा॒ख्‍षादे॒व⁠। सा॒ख्‍षादिति॑ स—अ॒ख्‍षात्⁠। ए॒वेन्द्रि॒यम्⁠। इ॒न्द्रि॒यमव॑⁠। अव॑ रुन्धे⁠। रु॒न्ध॒ ऐ॒न्द्रा॒ग्नम्⁠। ऐ॒न्द्रा॒ग्नम् पु॑नरुथ्सृ॒ष्टम्⁠। ऐ॒न्द्रा॒ग्नमित्यै᳚न्द्र—अ॒ग्नम्⁠। पु॒न॒रु॒थ्सृ॒ष्टमा⁠। पु॒न॒रु॒थ्सृ॒ष्टमिति॑ पुनः—उ॒थ्सृ॒ष्टम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ यः⁠। य आ⁠। आ तृ॒तीया᳚त्⁠। तृ॒तीया॒त् पुरु॑षात्⁠। पुरु॑षा॒थ् सोम᳚म्⁠। सोम॒म् न⁠। न पिबे᳚त्⁠। पिबे॒द् विच्छि॑न्नः⁠। विच्छि॑न्नो॒ वै⁠। विच्छि॑न्न॒ इति॒ वि—छि॒न्नः॒⁠। वा ए॒तस्य॑⁠। ए॒तस्य॑ सोमपी॒थः⁠। सो॒म॒पी॒थो यः⁠। सो॒म॒पी॒थ इति॑ सोम—पी॒थः⁠। यो ब्रा᳚ह्म॒णः⁠। ब्रा॒ह्म॒णः सन्न्⁠। सन्ना⁠। आ तृ॒तीया᳚त्⁠। [३३] तृ॒तीया॒त् पुरु॑षात्⁠। पुरु॑षा॒थ् सोम᳚म्⁠। सोम॒म् न⁠। न पिब॑ति⁠। पिब॑तीन्द्रा॒ग्नी⁠। इ॒न्द्रा॒ग्नी ए॒व⁠। इ॒न्द्रा॒ग्नी इती᳚न्द्र—अ॒ग्नी⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ तौ⁠। तावे॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ सो॒म॒पी॒थम्⁠। सो॒म॒पी॒थम् प्र⁠। सो॒म॒पी॒थमिति॑ सोम—पी॒थम्⁠। प्र य॑च्छतः⁠। य॒च्छ॒त॒ उप॑⁠। उपै॑नम्⁠। ए॒न॒ꣳ॒ सो॒म॒पी॒थः⁠। सो॒म॒पी॒थो न॑मति⁠। सो॒म॒पी॒थ इति॑ सोम—पी॒थः⁠। न॒म॒ति॒ यत्⁠। यदै॒न्द्रः⁠। ऐ॒न्द्रो भव॑ति⁠। भव॑तीन्द्रि॒यम्⁠। इ॒न्द्रि॒यव्ँवै⁠। वै सो॑मपी॒थः⁠। सो॒म॒पी॒थ इ॑न्द्रि॒यम्⁠। सो॒म॒पी॒थ इति॑ सोम—पी॒थः⁠। इ॒न्द्रि॒यमे॒व⁠। ए॒व सो॑मपी॒थम्⁠। सो॒म॒पी॒थमव॑⁠। सो॒म॒पी॒थमिति॑ सोम—पी॒थम्⁠। अव॑ रुन्धे⁠। रु॒न्धे॒ यत्⁠। यदा᳚ग्ने॒यः⁠। आ॒ग्ने॒यो भव॑ति⁠। भव॑त्याग्ने॒यः⁠। आ॒ग्ने॒यो वै⁠। वै ब्रा᳚ह्म॒णः⁠। ब्रा॒ह्म॒णः स्वाम्⁠। स्वामे॒व⁠। ए॒व दे॒वता᳚म्⁠। दे॒वता॒मनु॑⁠। अनु॒ सम्⁠। सं त॑नोति⁠। त॒नो॒ति॒ पु॒न॒रु॒थ्सृ॒ष्टः⁠। पु॒न॒रु॒थ्सृ॒ष्टो भ॑वति⁠। पु॒न॒रु॒थ्सृ॒ष्ट इति॑ पुनः—उ॒थ्सृ॒ष्टः⁠। भ॒व॒ति॒ पु॒न॒रु॒थ्सृ॒ष्टः⁠। पु॒न॒रु॒थ्सृ॒ष्ट इ॑व⁠। पु॒न॒रु॒थ्सृ॒ष्ट इति॑ पुनः—उ॒थ्सृ॒ष्टः⁠। इ॒व॒ हि⁠। ह्ये॑तस्य॑⁠। ए॒तस्य॑ सोमपी॒थः⁠। [३४] सो॒म॒पी॒थः समृ॑द्ध्यै⁠। सो॒म॒पी॒थ इति॑ सोम—पी॒थः⁠। समृ॑द्ध्यै ब्राह्मणस्प॒त्यम्⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। ब्रा॒ह्म॒ण॒स्प॒त्यम् तू॑प॒रम्⁠। ब्रा॒ह्म॒ण॒स्प॒त्यमिति॑ ब्राह्मणः—प॒त्यम्⁠। तू॒प॒रमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒ता॒भि॒चर॑न्न्⁠। अ॒भि॒चर॒न् ब्रह्म॑णः⁠। अ॒भि॒चर॒न्नित्य॑भि—चर॑न्न्⁠। ब्रह्म॑ण॒स्पति᳚म्⁠। पति॑मे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ तस्मै᳚⁠। तस्मा॑ ए॒व⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒मा⁠। आ वृ॑श्चति⁠। वृ॒श्च॒ति॒ ता॒जक्⁠। ता॒जगार्ति᳚म्⁠। आर्ति॒मा⁠। आर्च्छ॑ति⁠। ऋ॒च्छ॒ति॒ तू॒प॒रः⁠। तू॒प॒रो भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ ख्‍षु॒रप॑विः⁠। ख्‍षु॒रप॑वि॒र् वै⁠। ख्‍षु॒रप॑वि॒रिति॑ ख्‍षु॒र—प॒विः॒⁠। वा ए॒षा⁠। ए॒षा ल॒ख्‍ष्मी⁠। ल॒ख्‍ष्मी यत्⁠। यत् तू॑प॒रः⁠। तू॒प॒रः समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्यै॒ स्फ्यः⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। स्फ्यो यूपः॑⁠। यूपो॑ भवति⁠। भ॒व॒ति॒ वज्रः॑⁠। वज्रो॒ वै⁠। वै स्फ्यः⁠। स्फ्यो वज्र᳚म्⁠। वज्र॑मे॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ प्र⁠। प्र ह॑रति⁠। ह॒र॒ति॒ श॒र॒मय᳚म्⁠। श॒र॒मय॑म् ब॒र्॒‌हिः⁠। श॒र॒मय॒मिति॑ शर—मय᳚म्⁠। ब॒र्॒‌हिः शृ॒णाति॑⁠। शृ॒णात्ये॒व⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒व्ँवैभी॑दकः⁠। वैभी॑दक इ॒ध्मः⁠। इ॒ध्मो भि॒नत्ति॑⁠। भि॒नत्त्ये॒व⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒मित्ये॑नम्⁠॥ [३५] (भ॒व॒त्यु॒न्न॒तः प॒शवो॑ जनयन्ति वि॒न्दते॑ ऽभव॒थ् सन्नै तस्ये॒ ध्म स्त्रीणि॑ च) ॥५॥
बा॒र्॒‌ह॒स्प॒त्यꣳ शि॑तिपृ॒ष्ठम्⁠। शि॒ति॒पृ॒ष्ठमा⁠। शि॒ति॒पृ॒ष्ठमिति॑ शिति—पृ॒ष्ठम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ ग्राम॑कामः⁠। ग्राम॑कामो॒ यः⁠। ग्राम॑काम॒ इति॒ ग्राम॑—का॒मः॒⁠। यः का॒मये॑त⁠। का॒मये॑त पृ॒ष्ठम्⁠। पृ॒ष्ठꣳ स॑मा॒नाना᳚म्⁠। स॒मा॒नाना॑ꣴ स्याम्⁠। स्या॒मिति॑⁠। इति॒ बृह॒स्पति᳚म्⁠। बृह॒स्पति॑मे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒म् पृ॒ष्ठम्⁠। पृ॒ष्ठꣳ स॑मा॒नाना᳚म्⁠। स॒मा॒नाना᳚म् करोति⁠। क॒रो॒ति॒ ग्रा॒मी⁠। ग्रा॒म्ये॑व⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ शि॒ति॒पृ॒ष्ठः⁠। शि॒ति॒पृ॒ष्ठो भ॑वति⁠। शि॒ति॒पृ॒ष्ठ इति॑ शिति—पृ॒ष्ठः⁠। भ॒व॒ति॒ बा॒र्॒‌ह॒स्प॒त्यः⁠। बा॒र्॒‌ह॒स्प॒त्यो हि⁠। ह्ये॑षः⁠। ए॒ष दे॒वत॑या⁠। दे॒वत॑या॒ समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्यै पौ॒ष्णम्⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। पौ॒ष्णꣴ श्या॒मम्⁠। श्या॒ममा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒तान्न॑कामः⁠। अन्न॑का॒मोऽन्न᳚म्⁠। अन्न॑काम॒ इत्यन्न॑—का॒मः॒⁠। अन्न॒व्ँवै⁠। वै पू॒षा⁠। पू॒षा पू॒षण᳚म्⁠। पू॒षण॑मे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मा॒ अन्न᳚म्⁠। [३६] अन्न॒म् प्र⁠। प्र य॑च्छति⁠। य॒च्छ॒त्य॒न्ना॒दः⁠। अ॒न्ना॒द ए॒व⁠। अ॒न्ना॒द इत्य॑न्न—अ॒दः⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ श्या॒मः⁠। श्या॒मो भ॑वति⁠। भ॒व॒त्ये॒तत्⁠। ए॒तद् वै⁠। वा अन्न॑स्य⁠। अन्न॑स्य रू॒पम्⁠। रू॒पꣳ समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्यै मारु॒तम्⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। मा॒रु॒तम् पृश्ञि᳚म्⁠। पृश्ञि॒मा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒तान्न॑कामः⁠। अन्न॑का॒मोऽन्न᳚म्⁠। अन्न॑काम॒ इत्यन्न॑—का॒मः॒⁠। अन्न॒व्ँवै⁠। वै म॒रुतः॑⁠। म॒रुतो॑ म॒रुतः॑⁠। म॒रुत॑ ए॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ ते⁠। त ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मा॒ अन्न᳚म्⁠। अन्न॒म् प्र⁠। प्र य॑च्छन्ति⁠। य॒च्छ॒न्त्य॒न्ना॒दः⁠। अ॒न्ना॒द ए॒व⁠। अ॒न्ना॒द इत्य॑न्न—अ॒दः⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ पृश्ञिः॑⁠। पृश्ञि॑र् भवति⁠। भ॒व॒त्ये॒तत्⁠। ए॒तद् वै⁠। वा अन्न॑स्य⁠। अन्न॑स्य रू॒पम्⁠। रू॒पꣳ समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्या ऐ॒न्द्रम्⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। ऐ॒न्द्रम॑रु॒णम्⁠। अ॒रु॒णमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒ते॒न्द्रि॒यका॑मः⁠। इ॒न्द्रि॒यका॑म॒ इन्द्र᳚म्⁠। इ॒न्द्रि॒यका॑म॒ इती᳚न्द्रि॒य—का॒मः॒⁠। इन्द्र॑मे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। [३७] स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न्नि॒न्द्रि॒यम्⁠। इ॒न्द्रि॒यम् द॑धाति⁠। द॒धा॒ती॒न्द्रि॒या॒वी⁠। इ॒न्द्रि॒या॒व्ये॑व⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒त्य॒रु॒णः⁠। अ॒रु॒णो भ्रूमा॑न्⁠। भ्रूमा᳚न्,भवति⁠। भ्रूमा॒निति॒ भ्रू—मा॒न्॒⁠। भ॒व॒त्ये॒तत्⁠। ए॒तद् वै⁠। वा इन्द्र॑स्य⁠। इन्द्र॑स्य रू॒पम्⁠। रू॒पꣳ समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्यै सावि॒त्रम्⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। सा॒वि॒त्रमु॑पद्ध्व॒स्तम्⁠। उ॒प॒द्ध्व॒स्तमा⁠। उ॒प॒द्ध्व॒स्तमित्यु॑प—ध्व॒स्तम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ स॒निका॑मः⁠। स॒निका॑मः सवि॒ता⁠। स॒निका॑म॒ इति॑ स॒नि—का॒मः॒⁠। स॒वि॒ता वै⁠। वै प्र॑स॒वाना᳚म्⁠। प्र॒स॒वाना॑मीशे⁠। प्र॒स॒वाना॒मिति॑ प्र—स॒वाना᳚म्⁠। ई॒शे॒ स॒वि॒तार᳚म्⁠। स॒वि॒तार॑मे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ स॒निम्⁠। स॒निम् प्र⁠। प्र सु॑वति⁠। सु॒व॒ति॒ दान॑कामाः⁠। दान॑कामा अस्मै⁠। दान॑कामा॒ इति॒ दान॑—का॒माः॒⁠। अ॒स्मै॒ प्र॒जाः⁠। प्र॒जा भ॑वन्ति⁠। प्र॒जा इति॑ प्र—जाः⁠। भ॒व॒न्त्यु॒प॒द्ध्व॒स्तः⁠। उ॒प॒द्ध्व॒स्तो भ॑वति⁠। उ॒प॒द्ध्व॒स्त इत्यु॑प—ध्व॒स्तः⁠। भ॒व॒ति॒ सा॒वि॒त्रः⁠। सा॒वि॒त्रो हि⁠। ह्ये॑षः⁠। ए॒ष दे॒वत॑या⁠। [३८] दे॒वत॑या॒ समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्यै वैश्वदे॒वम्⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। वै॒श्व॒दे॒वम् ब॑हुरू॒पम्⁠। वै॒श्व॒दे॒वमिति॑ वैश्व—दे॒वम्⁠। ब॒हु॒रू॒पमा⁠। ब॒हु॒रू॒पमिति॑ बहु—रू॒पम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒तान्न॑कामः⁠। अन्न॑कामो वैश्वदे॒वम्⁠। अन्न॑काम॒ इत्यन्न॑—का॒मः॒⁠। वै॒श्व॒दे॒वव्ँवै⁠। वै॒श्व॒दे॒वमिति॑ वैश्व—दे॒वम्⁠। वा अन्न᳚म्⁠। अन्न॒व्ँविश्वा॑न्⁠। विश्वा॑ने॒व⁠। ए॒व दे॒वान्⁠। दे॒वान्थ् स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ ते⁠। त ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मा॒ अन्न᳚म्⁠। अन्न॒म् प्र⁠। प्र य॑च्छन्ति⁠। य॒च्छ॒न्त्य॒न्ना॒दः⁠। अ॒न्ना॒द ए॒व⁠। अ॒न्ना॒द इत्य॑न्न—अ॒दः⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ ब॒हु॒रू॒पः⁠। ब॒हु॒रू॒पो भ॑वति⁠। ब॒हु॒रू॒प इति॑ बहु—रू॒पः⁠। भ॒व॒ति॒ ब॒हु॒रू॒पम्⁠। ब॒हु॒रू॒पꣳ हि⁠। ब॒हु॒रू॒पमिति॑ बहु—रू॒पम्⁠। ह्यन्न᳚म्⁠। अन्न॒ꣳ॒ समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्यै वैश्वदे॒वम्⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। वै॒श्व॒दे॒वम् ब॑हुरू॒पम्⁠। वै॒श्व॒दे॒वमिति॑ वैश्व—दे॒वम्⁠। ब॒हु॒रू॒पमा⁠। ब॒हु॒रू॒पमिति॑ बहु—रू॒पम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ ग्राम॑कामः⁠। ग्राम॑कामो वैश्वदे॒वाः⁠। ग्रामका॑म॒ इति॒ ग्राम॑—का॒मः॒⁠। वै॒श्व॒दे॒वा वै⁠। वै॒श्व॒दे॒वा इति॑ वैश्व—दे॒वाः⁠। वै स॑जा॒ताः⁠। स॒जा॒ता विश्वा॑न्⁠। स॒जा॒ता इति॑ स—जा॒ताः⁠। विश्वा॑ने॒व⁠। ए॒व दे॒वान्⁠। दे॒वान्थ् स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ ते⁠। त ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ स॒जा॒तान्⁠। [३९] स॒जा॒तान् प्र⁠। स॒जा॒तानिति॑ स—जा॒तान्⁠। प्र य॑च्छन्ति⁠। य॒च्छ॒न्ति॒ ग्रा॒मी⁠। ग्रा॒म्ये॑व⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ ब॒हु॒रू॒पः⁠। ब॒हु॒रू॒पो भ॑वति⁠। ब॒हु॒रू॒प इति॑ बहु—रू॒पः⁠। भ॒व॒ति॒ ब॒हु॒दे॒व॒त्यः॑⁠। ब॒हु॒दे॒व॒त्यो॑ हि⁠। ब॒हु॒दे॒व॒त्य॑ इति॑ बहु—दे॒व॒त्यः॑⁠। ह्ये॑षः⁠। ए॒ष समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्यै प्राजाप॒त्यम्⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। प्रा॒जा॒प॒त्यम् तू॑प॒रम्⁠। प्रा॒जा॒प॒त्यमिति॑ प्राजा—प॒त्यम्⁠। तू॒प॒रमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ यस्य॑⁠। यस्याना᳚ज्ञातम्⁠। अना᳚ज्ञातमिव⁠। अना᳚ज्ञात॒मित्यना᳚—ज्ञा॒त॒म्⁠। इ॒व॒ ज्योक्⁠। ज्योगा॒मये᳚त्⁠। आ॒मये᳚त् प्राजाप॒त्यः⁠। प्रा॒जा॒प॒त्यो वै⁠। प्रा॒जा॒प॒त्य इति॑ प्राजा—प॒त्यः⁠। वै पुरु॑षः⁠। पुरु॑षः प्र॒जाप॑तिः⁠। प्र॒जाप॑तिः॒ खलु॑⁠। प्र॒जाप॑ति॒रिति॑ प्र॒जा—प॒तिः॒⁠। खलु॒ वै⁠। वै तस्य॑⁠। तस्य॑ वेद⁠। वे॒द॒ यस्य॑⁠। यस्याना᳚ज्ञातम्⁠। अना᳚ज्ञातमिव⁠। अना᳚ज्ञात॒मित्यना᳚—ज्ञा॒त॒म्⁠। इ॒व॒ ज्योक्⁠। ज्योगा॒मय॑ति⁠। आ॒मय॑ति प्र॒जाप॑तिम्⁠। प्र॒जाप॑तिमे॒व⁠। प्र॒जाप॑ति॒मिति॑ प्र॒जा—प॒ति॒म्⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒म् तस्मा᳚त्⁠। तस्मा॒थ् स्रामा᳚त्⁠। स्रामा᳚न् मुञ्चति⁠। मु॒ञ्च॒ति॒ तू॒प॒रः⁠। तू॒प॒रो भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ प्रा॒जा॒प॒त्यः⁠। प्रा॒जा॒प॒त्यो हि⁠। प्रा॒जा॒प॒त्य इति॑ प्राजा—प॒त्यः⁠। ह्ये॑षः⁠। ए॒ष दे॒वत॑या⁠। दे॒वत॑या॒ समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠॥ [४०] (अ॒स्मा॒ इन्द्र॑मे॒वै ष स॑जा॒ता विश्वा॑ने॒व दे॒वान्थ् स्वेन॑ भाग॒धेये॒नोप॑ धावति॒ त ए॒वास्मै᳚ प्राजाप॒त्यो हि त्रीणि॑ च) ॥६॥
व॒ष॒ट्का॒रो वै⁠। व॒ष॒ट्का॒र इति॑ वषट्—का॒रः⁠। वै गा॑यत्रि॒यै⁠। गा॒य॒त्रि॒यै शिरः॑⁠। शिरो᳚ऽच्छिनत्⁠। अ॒च्छि॒न॒त् तस्यै᳚⁠। तस्यै॒ रसः॑⁠। रसः॒ परा᳚⁠। परा॑ऽपतत्⁠। अ॒प॒त॒त् तम्⁠। तम् बृह॒स्पतिः॑⁠। बृह॒स्पति॒रुप॑⁠। उपा॑गृह्णात्⁠। अ॒गृ॒ह्णा॒थ् सा⁠। सा शि॑तिपृ॒ष्ठा⁠। शि॒ति॒पृ॒ष्ठा व॒शा⁠। शि॒ति॒पृ॒ष्ठेति॑ शिति—पृ॒ष्ठा⁠। व॒शा ऽभ॑वत्⁠। अ॒भ॒व॒द् यः⁠। यो द्वि॒तीयः॑⁠। द्वि॒तीयः॑ प॒राप॑तत्⁠। प॒राप॑त॒त् तम्⁠। प॒राप॑त॒दिति॑ परा—अप॑तत्⁠। तम् मि॒त्रावरु॑णौ⁠। मि॒त्रावरु॑णा॒वुप॑⁠। मि॒त्रावरु॑णा॒विति॑ मि॒त्रा—वरु॑णौ⁠। उपा॑गृह्णीताम्⁠। अ॒गृ॒ह्णी॒ता॒ꣳ॒ सा⁠। सा द्वि॑रू॒पा⁠। द्वि॒रू॒पा व॒शा⁠। द्वि॒रू॒पेति॑ द्वि—रू॒पा⁠। व॒शाऽभ॑वत्⁠। अ॒भ॒व॒द् यः⁠। य स्तृ॒तीयः॑⁠। तृ॒तीयः॑ प॒राप॑तत्⁠। प॒राप॑त॒त् तम्⁠। प॒राप॑त॒दिति॑ परा—अप॑तत्⁠। तव्ँविश्वे᳚⁠। विश्वे॑ दे॒वाः⁠। दे॒वा उप॑⁠। उपा॑गृह्णन्न्⁠। अ॒गृ॒ह्ण॒न्थ् सा⁠। सा ब॑हुरू॒पा⁠। ब॒हु॒रू॒पा व॒शा⁠। ब॒हु॒रू॒पेति॑ बहु—रू॒पा⁠। व॒शाऽभ॑वत्⁠। अ॒भ॒व॒द् यः⁠। य श्च॑तु॒र्थः⁠। च॒तु॒र्थः प॒राप॑तत्⁠। प॒राप॑त॒थ् सः⁠। प॒राप॑त॒दिति॑ परा—अप॑तत्⁠। स पृ॑थि॒वीम्⁠। पृ॒थि॒वीम् प्र⁠। प्रावि॑शत्⁠। अ॒वि॒श॒त् तम्⁠। तम् बृह॒स्पतिः॑⁠। बृह॒स्पति॑र॒भि⁠। अ॒भ्य॑गृह्णात्⁠। [४१] अ॒गृ॒ह्णा॒दस्तु॑⁠। अस्त्वे॒व⁠। ए॒वायम्⁠। अ॒यम् भोगा॑य⁠। भोगा॒येति॑⁠। इति॒ सः⁠। स उ॑ख्‍षव॒शः⁠। उ॒ख्‍ष॒व॒शः सम्⁠। उ॒ख्‍ष॒व॒श इत्यु॑ख्‍ष—व॒शः⁠। सम॑भवत्⁠। अ॒भ॒व॒द् यत्⁠। यल् लोहि॑तम्⁠। लोहि॑तम् प॒राप॑तत्⁠। प॒राप॑त॒त् तत्⁠। प॒राप॑त॒दिति॑ परा—अप॑तत्⁠। तद् रु॒द्रः⁠। रु॒द्र उप॑⁠। उपा॑गृह्णात्⁠। अ॒गृ॒ह्णा॒थ् सा⁠। सा रौ॒द्री⁠। रौ॒द्री रोहि॑णी⁠। रोहि॑णी व॒शा⁠। व॒शाऽभ॑वत्⁠। अ॒भ॒व॒द् बा॒र्॒‌ह॒स्प॒त्याम्⁠। बा॒र्॒‌ह॒स्प॒त्याꣳ शि॑तिपृ॒ष्ठाम्⁠। शि॒ति॒पृ॒ष्ठामा⁠। शि॒ति॒पृ॒ष्ठामिति॑ शिति—पृ॒ष्ठाम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सका॑मः⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सका॑मो॒ बृह॒स्पति᳚म्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सका॑म॒ इति॑ ब्रह्मवर्च॒स—का॒मः॒⁠। बृह॒स्पति॑मे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न् ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सम्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सम् द॑धाति⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समिति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सम्⁠। द॒धा॒ति॒ ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सी⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒स्ये॑व⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सीति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सी⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ छन्द॑साम्⁠। छन्द॑सा॒व्ँवै⁠। वा ए॒षः⁠। ए॒ष रसः॑⁠। रसो॒ यत्⁠। यद् व॒शा⁠। व॒शा रसः॑⁠। रस॑ इव⁠। इ॒व॒ खलु॑⁠। खलु॒ वै⁠। [४२] वै ब्र॑ह्मवर्च॒सम्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सम् छन्द॑साम्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समिति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सम्⁠। छन्द॑सामे॒व⁠। ए॒व रसे॑न⁠। रसे॑न॒ रस᳚म्⁠। रस॑म् ब्रह्मवर्च॒सम्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समव॑⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समिति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सम्⁠। अव॑ रुन्धे⁠। रु॒न्धे॒ मै॒त्रा॒व॒रु॒णीम्⁠। मै॒त्रा॒व॒रु॒णीम् द्वि॑रू॒पाम्⁠। मै॒त्रा॒व॒रु॒णीमिति॑ मैत्रा—व॒रु॒णीम्⁠। द्वि॒रू॒पामा⁠। द्वि॒रू॒पामिति॑ द्वि—रू॒पाम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ वृष्टि॑कामः⁠। वृष्टि॑कामो मै॒त्रम्⁠। वृष्टि॑काम॒ इति॒ वृष्टि॑—का॒मः॒⁠। मै॒त्रव्ँवै⁠। वा अहः॑⁠। अह॑र् वारु॒णी⁠। वा॒रु॒णी रात्रिः॑⁠। रात्रि॑रहोरा॒त्राभ्या᳚म्⁠। अ॒हो॒रा॒त्राभ्या॒म् खलु॑⁠। अ॒हो॒रा॒त्राभ्या॒मित्य॑हः—रा॒त्राभ्या᳚म्⁠। खलु॒ वै⁠। वै प॒र्जन्यः॑⁠। प॒र्जन्यो॑ वर्‌षति⁠। व॒र्॒‌ष॒ति॒ मि॒त्रावरु॑णौ⁠। मि॒त्रावरु॑णावे॒व⁠। मि॒त्रावरु॑णा॒विति॑ मि॒त्रा—वरु॑णौ⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ तौ⁠। तावे॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मा॒ अ॒हो॒रा॒त्राभ्या᳚म्⁠। अ॒हो॒रा॒त्राभ्या᳚म् प॒र्जन्य᳚म्⁠। अ॒हो॒रा॒त्राभ्या॒मित्य॑हः—रा॒त्राभ्या᳚म्⁠। प॒र्जन्य॑व्ँवर्‌षयतः⁠। व॒र्॒‌ष॒य॒त॒ श्छन्द॑साम्⁠। छन्द॑सा॒व्ँवै⁠। वा ए॒षः⁠। ए॒ष रसः॑⁠। रसो॒ यत्⁠। यद् व॒शा⁠। व॒शा रसः॑⁠। रस॑ इव⁠। इ॒व॒ खलु॑⁠। खलु॒ वै⁠। वै वृष्टिः॑⁠। वृष्टि॒ श्छन्द॑साम्⁠। छन्द॑सामे॒व⁠। ए॒व रसे॑न⁠। रसे॑न॒ रस᳚म्⁠। [४३] रस॒व्ँवृष्टि᳚म्⁠। वृष्टि॒मव॑⁠। अव॑ रुन्धे⁠। रु॒न्धे॒ मै॒त्रा॒व॒रु॒णीम्⁠। मै॒त्रा॒व॒रु॒णीम् द्वि॑रू॒पाम्⁠। मै॒त्रा॒व॒रु॒णीमिति॑ मैत्रा—व॒रु॒णीम्⁠। द्वि॒रू॒पामा⁠। द्वि॒रू॒पामिति॑ द्वि—रू॒पाम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ प्र॒जाका॑मः⁠। प्र॒जाका॑मो मै॒त्रम्⁠। प्र॒जाका॑म॒ इति॑ प्र॒जा—का॒मः॒⁠। मै॒त्रव्ँवै⁠। वा अहः॑⁠। अह॑र् वारु॒णी⁠। वा॒रु॒णी रात्रिः॑⁠। रात्रि॑रहोरा॒त्राभ्या᳚म्⁠। अ॒हो॒रा॒त्राभ्या॒म् खलु॑⁠। अ॒हो॒रा॒त्राभ्या॒मित्य॑हः—रा॒त्राभ्या᳚म्⁠। खलु॒ वै⁠। वै प्र॒जाः⁠। प्र॒जाः प्र⁠। प्र॒जा इति॑ प्र—जाः⁠। प्र जा॑यन्ते⁠। जा॒य॒न्ते॒ मि॒त्रावरु॑णौ⁠। मि॒त्रावरु॑णावे॒व⁠। मि॒त्रावरु॑णा॒विति॑ मि॒त्रा—वरु॑णौ⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ तौ⁠। तावे॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मा॒ अ॒हो॒रा॒त्राभ्या᳚म्⁠। अ॒हो॒रा॒त्राभ्या᳚म् प्र॒जाम्⁠। अ॒हो॒रा॒त्राभ्या॒मित्य॑हः—रा॒त्राभ्या᳚म्⁠। प्र॒जाम् प्र⁠। प्र॒जामिति॑ प्र—जाम्⁠। प्र ज॑नयतः⁠। ज॒न॒य॒त॒ श्छन्द॑साम्⁠। छन्द॑सा॒व्ँवै⁠। वा ए॒षः⁠। ए॒ष रसः॑⁠। रसो॒ यत्⁠। यद् व॒शा⁠। व॒शा रसः॑⁠। रस॑ इव⁠। इ॒व॒ खलु॑⁠। खलु॒ वै⁠। वै प्र॒जा⁠। प्र॒जा छन्द॑साम्⁠। प्र॒जेति॑ प्र—जा⁠। छन्द॑सामे॒व⁠। ए॒व रसे॑न⁠। रसे॑न॒ रस᳚म्⁠। रस॑म् प्र॒जाम्⁠। प्र॒जामव॑⁠। प्र॒जामिति॑ प्र—जाम्⁠। अव॑ रुन्धे⁠। [४४] रु॒न्धे॒ वै॒श्व॒दे॒वीम्⁠। वै॒श्व॒दे॒वीम् ब॑हुरू॒पाम्⁠। वै॒श्व॒दे॒वीमिति॑ वैश्व—दे॒वीम्⁠। ब॒हु॒रू॒पामा⁠। ब॒हु॒रू॒पामिति॑ बहु—रू॒पाम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒तान्न॑कामः⁠। अन्न॑कामो वैश्वदे॒वम्⁠। अन्न॑काम॒ इत्यन्न॑—का॒मः॒⁠। वै॒श्व॒दे॒वव्ँवै⁠। वै॒श्व॒दे॒वमिति॑ वैश्व—दे॒वम्⁠। वा अन्न᳚म्⁠। अन्न॒व्ँविश्वा॑न्⁠। विश्वा॑ने॒व⁠। ए॒व दे॒वान्⁠। दे॒वान्थ् स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ ते⁠। त ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मा॒ अन्न᳚म्⁠। अन्न॒म् प्र⁠। प्र य॑च्छन्ति⁠। य॒च्छ॒न्त्य॒न्ना॒दः⁠। अ॒न्ना॒द ए॒व⁠। अ॒न्ना॒द इत्य॑न्न—अ॒दः⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ छन्द॑साम्⁠। छन्द॑सा॒व्ँवै⁠। वा ए॒षः⁠। ए॒ष रसः॑⁠। रसो॒ यत्⁠। यद् व॒शा⁠। व॒शा रसः॑⁠। रस॑ इव⁠। इ॒व॒ खलु॑⁠। खलु॒ वै⁠। वा अन्न᳚म्⁠। अन्नं॒ छन्द॑साम्⁠। छन्द॑सामे॒व⁠। ए॒व रसे॑न⁠। रसे॑न॒ रस᳚म्⁠। रस॒मन्न᳚म्⁠। अन्न॒मव॑⁠। अव॑ रुन्धे⁠। रु॒न्धे॒ वै॒श्व॒दे॒वीम्⁠। वै॒श्व॒दे॒वीं ब॑हुरू॒पाम्⁠। वै॒श्व॒दे॒वीमिति॑ वैश्व—दे॒वीम्⁠। ब॒हु॒रू॒पामा⁠। ब॒हु॒रू॒पामिति॑ बहु—रू॒पाम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ ग्राम॑कामः⁠। ग्राम॑कामो वैश्वदे॒वाः⁠। ग्राम॑काम॒ इति॒ ग्राम॑—का॒मः॒⁠। वै॒श्व॒दे॒वा वै⁠। वै॒श्व॒दे॒वा इति॑ वैश्व—दे॒वाः⁠। वै स॑जा॒ताः⁠। [४५] स॒जा॒ता विश्वा॑न्⁠। स॒जा॒ता इति॑ स—जा॒ताः⁠। विश्वा॑ने॒व⁠। ए॒व दे॒वान्⁠। दे॒वान्थ् स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ ते⁠। त ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ स॒जा॒तान्⁠। स॒जा॒तान् प्र⁠। स॒जा॒तानिति॑ स—जा॒तान्⁠। प्र य॑च्छन्ति⁠। य॒च्छ॒न्ति॒ ग्रा॒मी⁠। ग्रा॒म्ये॑व⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ छन्द॑साम्⁠। छन्द॑सा॒व्ँवै⁠। वा ए॒षः⁠। ए॒ष रसः॑⁠। रसो॒ यत्⁠। यद् व॒शा⁠। व॒शा रसः॑⁠। रस॑ इव⁠। इ॒व॒ खलु॑⁠। खलु॒ वै⁠। वै स॑जा॒ताः⁠। स॒जा॒ता श्छन्द॑साम्⁠। स॒जा॒ता इति॑ स—जा॒ताः⁠। छन्द॑सामे॒व⁠। ए॒व रसे॑न⁠। रसे॑न॒ रस᳚म्⁠। रस॑ꣳ सजा॒तान्⁠। स॒जा॒तानव॑⁠। स॒जा॒तानिति॑स—जा॒तान्⁠। अव॑ रुन्धे⁠। रु॒न्धे॒ बा॒र्॒‌ह॒स्प॒त्यम्⁠। बा॒र्॒‌ह॒स्प॒त्यमु॑ख्‍षव॒शम्⁠। उ॒ख्‍ष॒व॒शमा⁠। उ॒ख्‍ष॒व॒शमित्यु॑ख्‍ष—व॒शम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सका॑मः⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सका॑मो॒ बृह॒स्पति᳚म्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सका॑म॒ इति॑ ब्रह्मवर्च॒स—का॒मः॒⁠। बृह॒स्पति॑मे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न् ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सम्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सम् द॑धाति⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समिति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सम्⁠। [४६] द॒धा॒ति॒ ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सी⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒स्ये॑व⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सीति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सी⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ वश᳚म्⁠। वश॒व्ँवै⁠। वा ए॒षः⁠। ए॒ष च॑रति⁠। च॒र॒ति॒ यत्⁠। यदु॒ख्‍षा⁠। उ॒ख्‍षा वशः॑⁠। वश॑ इव⁠। इ॒व॒ खलु॑⁠। खलु॒ वै⁠। वै ब्र॑ह्मवर्च॒सम्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सव्ँवशे॑न⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समिति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सम्⁠। वशे॑नै॒व⁠। ए॒व वश᳚म्⁠। वश॑म् ब्रह्मवर्च॒सम्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समव॑⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समिति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सम्⁠। अव॑ रुन्धे⁠। रु॒न्धे॒ रौ॒द्रीम्⁠। रौ॒द्रीꣳ रोहि॑णीम्⁠। रोहि॑णी॒मा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒ता॒भि॒चर॑न्न्⁠। अ॒भि॒चर॑न् रु॒द्रम्⁠। अ॒भि॒चर॒न्नित्य॑भि—चर॑न्न्⁠। रु॒द्रमे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ तस्मै᳚⁠। तस्मा॑ ए॒व⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒मा⁠। आ वृ॑श्चति⁠। वृ॒श्च॒ति॒ ता॒जक्⁠। ता॒जगार्ति᳚म्⁠। आर्ति॒मा⁠। आर्च्छ॑ति⁠। ऋ॒च्छ॒ति॒ रोहि॑णी⁠। रोहि॑णी भवति⁠। भ॒व॒ति॒ रौ॒द्री⁠। रौ॒द्री हि⁠। ह्ये॑षा⁠। ए॒षा दे॒वत॑या⁠। दे॒वत॑या॒ समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्यै॒ स्फ्यः⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। स्फ्यो यूपः॑⁠। यूपो॑ भवति⁠। भ॒व॒ति॒ वज्रः॑⁠। वज्रो॒ वै⁠। वै स्फ्यः⁠। स्फ्यो वज्र᳚म्⁠। वज्र॑मे॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ प्र⁠। प्र ह॑रति⁠। ह॒र॒ति॒ श॒र॒मय᳚म्⁠। श॒र॒मय॑म् ब॒र्॒‌हिः⁠। श॒र॒मय॒मिति॑ शर—मय᳚म्⁠। ब॒र्॒‌हिः शृ॒णाति॑⁠। शृ॒णात्ये॒व⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒व्ँवैभी॑दकः⁠। वैभी॑दक इ॒ध्मः⁠। इ॒ध्मो भि॒नत्ति॑⁠। भि॒नत्त्ये॒व⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒मित्ये॑नम्⁠॥ [४७] (अ॒भि खलु॒ वृष्टि॒ श्छन्द॑सामे॒व रसे॑न प्र॒जामव॑ वैश्वदे॒वा वै ब्र॑ह्मवर्च॒सं यूप॒ एका॒न्नवि॑ꣳश॒तिश्च॑) ॥७॥
अ॒सावा॑दि॒त्यः⁠। आ॒दि॒त्यो न⁠। न वि⁠। व्य॑रोचत⁠। अ॒रो॒च॒त॒ तस्मै᳚⁠। तस्मै॑ दे॒वाः⁠। दे॒वाः प्राय॑श्चित्तिम्⁠। प्राय॑श्चित्तिमैच्छन्न्⁠। ऐ॒च्छ॒न् तस्मै᳚⁠। तस्मा॑ ए॒ताम्⁠। ए॒ताꣳ सौ॒रीम्⁠। सौ॒रीꣴ श्वे॒ताम्⁠। श्वे॒ताव्ँव॒शाम्⁠। व॒शामा⁠। आ ऽल॑भन्त⁠। अ॒ल॒भ॒न्त॒ तया᳚⁠। तयै॒व⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न् रुच᳚म्⁠। रुच॑मदधुः⁠। अ॒द॒धु॒र् यः⁠। यो ब्र॑ह्मवर्च॒सका॑मः⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सका॑मः॒ स्यात्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सका॑म॒ इति॑ ब्रह्मवर्च॒स—का॒मः॒⁠। स्यात् तस्मै᳚⁠। तस्मा॑ ए॒ताम्⁠। ए॒ताꣳ सौ॒रीम्⁠। सौ॒रीꣴ श्वे॒ताम्⁠। श्वे॒ताव्ँव॒शाम्⁠। व॒शामा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒ता॒मुम्⁠। अ॒मुमे॒व⁠। ए॒वादि॒त्यम्⁠। आ॒दि॒त्यꣴ स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न् ब्र॒ह॒व॒र्च॒सम्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सम् द॑धाति⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समिति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सम्⁠। द॒धा॒ति॒ ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सी⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒स्ये॑व⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒सीति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सी⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ बै॒ल्॒‌वः⁠। बै॒ल्॒‌वो यूपः॑⁠। यूपो॑ भवति⁠। भ॒व॒त्य॒सौ⁠। अ॒सौ वै⁠। [४८] वा आ॑दि॒त्यः⁠। आ॒दि॒त्यो यतः॑⁠। यतो ऽजा॑यत⁠। अजा॑यत॒ ततः॑⁠। ततो॑ बि॒ल्वः॑⁠। बि॒ल्व॑ उत्⁠। उद॑तिष्ठत्⁠। अ॒ति॒ष्ठ॒थ् सयो॑नि⁠। सयो᳚न्ये॒व⁠। सयो॒नीति॒ स—यो॒नि॒⁠। ए॒व ब्र॑ह्मवर्च॒सम्⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समव॑⁠। ब्र॒ह्म॒व॒र्च॒समिति॑ ब्रह्म—व॒र्च॒सम्⁠। अव॑ रुन्धे⁠। रु॒न्धे॒ ब्रा॒ह्म॒ण॒स्प॒त्याम्⁠। ब्रा॒ह्म॒ण॒स्प॒त्याम् ब॑भ्रुक॒र्णीम्⁠। ब्रा॒ह्म॒ण॒स्प॒त्यामिति॑ ब्राह्मणः—प॒त्याम्⁠। ब॒भ्रु॒क॒र्णीमा⁠। ब॒भ्रु॒क॒र्णीमिति॑ बभ्रु—क॒र्णीम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒ता॒भि॒चर॑न्न्⁠। अ॒भि॒चर॑न्‌वारु॒णम्⁠। अ॒भि॒चर॒न्नित्य॑भि—चर॑न्न्⁠। वा॒रु॒णम् दश॑कपालम्⁠। दश॑कपालम् पु॒रस्ता᳚त्⁠। दश॑कपाल॒मिति॒ दश॑—क॒पा॒ल॒म्⁠। पु॒रस्ता॒न् निः⁠। निर् व॑पेत्⁠। व॒पे॒द् वरु॑णेन⁠। वरु॑णेनै॒व⁠। ए॒व भ्रातृ॑व्यम्⁠। भ्रातृ॑व्यम् ग्राहयि॒त्वा⁠। ग्रा॒ह॒यि॒त्वा ब्रह्म॑णा⁠। ब्रह्म॑णा स्तृणुते⁠। स्तृ॒णु॒ते॒ ब॒भ्रु॒क॒र्णी⁠। ब॒भ्रु॒क॒र्णी भ॑वति⁠। ब॒भ्रु॒क॒र्णीति॑ बभ्रु—क॒र्णी⁠। भ॒व॒त्ये॒तत्⁠। ए॒तद् वै⁠। वै ब्रह्म॑णः⁠। ब्रह्म॑णो रू॒पम्⁠। रू॒पꣳ समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्यै॒ स्फ्यः⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। स्फ्यो यूपः॑⁠। यूपो॑ भवति⁠। भ॒व॒ति॒ वज्रः॑⁠। वज्रो॒ वै⁠। वै स्फ्यः⁠। स्फ्यो वज्र᳚म्⁠। वज्र॑मे॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ प्र⁠। प्र ह॑रति⁠। ह॒र॒ति॒ श॒र॒मय᳚म्⁠। श॒र॒मय॑म् ब॒र्॒‌हिः⁠। श॒र॒मय॒मिति॑ शर—मय᳚म्⁠। ब॒र्॒‌हिः शृ॒णाति॑⁠। शृ॒णात्ये॒व⁠। [४९] ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒व्ँवैभी॑दकः⁠। वैभी॑दक इ॒ध्मः⁠। इ॒ध्मो भि॒नत्ति॑⁠। भि॒नत्त्ये॒व⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒व्ँवै॒ष्ण॒वम्⁠। वै॒ष्ण॒वव्ँवा॑म॒नम्⁠। वा॒म॒नमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ यम्⁠। यय्ँय॒ज्ञः⁠। य॒ज्ञो न⁠। नोप॒नमे᳚त्⁠। उ॒प॒नमे॒द् विष्णुः॑⁠। उ॒प॒नमे॒दित्यु॑प—नमे᳚त्⁠। विष्णु॒र् वै⁠। वै य॒ज्ञः⁠। य॒ज्ञो विष्णु᳚म्⁠। विष्णु॑मे॒व⁠। ए॒वस्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ य॒ज्ञम्⁠। य॒ज्ञम् प्र⁠। प्र य॑च्छति⁠। य॒च्छ॒त्युप॑⁠। उपै॑नम्⁠। ए॒न॒य्ँय॒ज्ञः⁠। य॒ज्ञो न॑मति⁠। न॒म॒ति॒ वा॒म॒नः⁠। वा॒म॒नो भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ वै॒ष्ण॒वः⁠। वै॒ष्ण॒वो हि⁠। ह्ये॑षः⁠। ए॒ष दे॒वत॑या⁠। दे॒वत॑या॒ समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्यै त्वा॒ष्ट्रम्⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। त्वा॒ष्ट्रव्ँव॑ड॒बम्⁠। व॒ड॒बमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ प॒शुका॑मः⁠। प॒शुका॑म॒,स्त्वष्टा᳚⁠। प॒शुका॑म॒ इति॑ प॒शु—का॒मः॒⁠। त्वष्टा॒ वै⁠। वै प॑शू॒नाम्⁠। प॒शू॒नाम् मि॑थु॒नाना᳚म्⁠। मि॒थु॒नानां᳚ प्रजनयि॒ता⁠। [५०] प्र॒ज॒न॒यि॒ता त्वष्टा॑रम्⁠। प्र॒ज॒न॒यि॒तेति॑ प्र—ज॒न॒यि॒ता⁠। त्वष्टा॑रमे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ प॒शून्⁠। प॒शुन् मि॑थु॒नान्⁠। मि॒थु॒नान् प्र⁠। प्र ज॑नयति⁠। ज॒न॒य॒ति॒ प्र॒जा⁠। प्र॒जा हि⁠। प्र॒जेति॑ प्र—जा⁠। हि वै⁠। वा ए॒तस्मि॑न्न्⁠। ए॒तस्मि॑न् प॒शवः॑⁠। प॒शवः॒ प्रवि॑ष्टाः⁠। प्रवि॑ष्टा॒ अथ॑⁠। प्रवि॑ष्टा॒ इति॒ प्र—वि॒ष्टाः॒⁠। अथै॒षः⁠। ए॒ष पुमा॑न्⁠। पुमा॒न्थ् सन्न्⁠। सन् व॑ड॒बः⁠। व॒ड॒बः सा॒ख्‍षात्⁠। सा॒ख्‍षादे॒व⁠। सा॒ख्‍षादिति॑ स—अ॒ख्‍षात्⁠। ए॒व प्र॒जाम्⁠। प्र॒जाम् प॒शून्⁠। प्र॒जामिति॑ प्र—जाम्⁠। प॒शूनव॑⁠। अव॑ रुन्धे⁠। रु॒न्धे॒ मै॒त्रम्⁠। मै॒त्रꣴ श्वे॒तम्⁠। श्वे॒तमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ स॒ङ्‍ग्रा॒मे⁠। स॒ङ्‍ग्रा॒मे सय्ँय॑त्ते⁠। स॒ङ्‍ग्रा॒म इति॑ सं—ग्रा॒मे⁠। सय्ँय॑त्ते सम॒यका॑मः⁠। सय्ँय॑त्त॒ इति॒ सं—य॒त्ते॒⁠। स॒म॒यका॑मो मि॒त्रम्⁠। स॒म॒यका॑म॒ इति॑ सम॒य—का॒मः॒⁠। मि॒त्रमे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒म् मि॒त्रेण॑⁠। मि॒त्रेण॒ सम्⁠। सम् न॑यति⁠। न॒य॒ति॒ वि॒शा॒लः⁠। [५१] वि॒शा॒लो भ॑वति⁠। वि॒शा॒ल इति॑ वि—शा॒लः⁠। भ॒व॒ति॒ व्यव॑साययति⁠। व्यव॑साययत्ये॒व⁠। व्यव॑सायय॒तीति॑ वि—अव॑साययति⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒म् प्रा॒जा॒प॒त्यम्⁠। प्रा॒जा॒प॒त्यम् कृ॒ष्णम्⁠। प्रा॒जा॒प॒त्यमिति॑ प्राजा—प॒त्यम्⁠। कृ॒ष्णमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ वृष्टि॑कामः⁠। वृष्टि॑कामः प्र॒जाप॑तिः⁠। वृष्टि॑काम॒ इति॒ वृष्टि॑—का॒मः॒⁠। प्र॒जाप॑ति॒र् वै⁠। प्र॒जाप॑ति॒रिति॑ प्र॒जा—प॒तिः॒⁠। वै वृष्ट्‍याः᳚⁠। वृष्ट्‍या॑ ईशे⁠। ई॒शे॒ प्र॒जाप॑तिम्⁠। प्र॒जाप॑तिमे॒व⁠। प्र॒जाप॑ति॒मिति॑ प्र॒जा—प॒ति॒म्⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ प॒र्जन्य᳚म्⁠। प॒र्जन्य॑व्ँवर्‌षयति⁠। व॒र्॒‌षय॒ति॒ कृ॒ष्णः⁠। कृ॒ष्णो भ॑वति⁠। भ॒व॒त्ये॒तत्⁠। ए॒तद् वै⁠। वै वृष्ट्‍यै᳚⁠। वृष्ट्‍यै॑ रू॒पम्⁠। रू॒पꣳ रू॒पेण॑⁠। रू॒पेणै॒व⁠। ए॒व वृष्टि᳚म्⁠। वृष्टि॒मव॑⁠। अव॑ रुन्धे⁠। रु॒न्धे॒ श॒बलः॑⁠। श॒बलो॑ भवति⁠। भ॒व॒ति॒ वि॒द्युत᳚म्⁠। वि॒द्युत॑मे॒व⁠। वि॒द्युत॒मिति॑ वि—द्युत᳚म्⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ ज॒न॒यि॒त्वा⁠। ज॒न॒यि॒त्वा व॑र्‌षयति⁠। व॒र्॒‌ष॒य॒त्य॒वा॒शृ॒ङ्गः⁠। अ॒वा॒शृ॒ङ्गो भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ वृष्टि᳚म्⁠। वृष्टि॑मे॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ नि⁠। नि य॑च्छति⁠। य॒च्छ॒तीति॑ यच्छति⁠॥ [५२] (अ॒सौ शृ॒णाति॑ मिथु॒नानां᳚ नयति यच्छति) ॥८॥
वरु॑णꣳ सुषुवा॒णम्⁠। सु॒षु॒वा॒णम॒न्नाद्य᳚म्⁠। अ॒न्नाद्य॒म् न⁠। अ॒न्नाद्य॒मित्य॑न्न—अद्य᳚म्⁠। नोप॑⁠। उपा॑नमत्⁠। अ॒न॒म॒थ् सः⁠। स ए॒ताम्⁠। ए॒ताव्ँवा॑रु॒णीम्⁠। वा॒रु॒णीम् कृ॒ष्णाम्⁠। कृ॒ष्णाव्ँव॒शाम्⁠। व॒शाम॑पश्यत्⁠। अ॒प॒श्य॒त् ताम्⁠। ताꣴ स्वायै᳚⁠। स्वायै॑ दे॒वता॑यै⁠। दे॒वता॑या॒ आ⁠। आ ऽल॑भत⁠। अ॒ल॒भ॒त॒ ततः॑⁠। ततो॒ वै⁠। वै तम्⁠। तम॒न्नाद्य᳚म्⁠। अ॒न्नाद्य॒मुप॑⁠। अ॒न्नाद्य॒मित्य॑न्न—अद्य᳚म्⁠। उपा॑नमत्⁠। अ॒न॒म॒द् यम्⁠। यमल᳚म्⁠। अल॑म॒न्नाद्या॑य⁠। अ॒न्नाद्या॑य॒ सन्त᳚म्⁠। अ॒न्नाद्या॒येत्य॑न्न—अद्या॑य⁠। सन्त॑म॒न्नाद्य᳚म्⁠। अ॒न्नाद्य॒म् न⁠। अ॒न्नाद्य॒मित्य॑न्न—अद्य᳚म्⁠। नोप॒नमे᳚त्⁠। उ॒प॒नमे॒थ् सः⁠। उ॒प॒नमे॒दित्यु॑प—नमे᳚त्⁠। स ए॒ताम्⁠। ए॒ताव्ँवा॑रु॒णीम्⁠। वा॒रु॒णीम् कृ॒ष्णाम्⁠। कृ॒ष्णाव्ँव॒शाम्⁠। व॒शामा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ वरु॑णम्⁠। वरु॑णमे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मा॒ अन्न᳚म्⁠। अन्न॒म् प्र⁠। प्र य॑च्छति⁠। य॒च्छ॒त्य॒न्ना॒दः⁠। अ॒न्ना॒द ए॒व⁠। अ॒न्ना॒द इत्य॑न्न—अ॒दः⁠। [५३] ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ कृ॒ष्णा⁠। कृ॒ष्णा भ॑वति⁠। भ॒व॒ति॒ वा॒रु॒णी⁠। वा॒रु॒णी हि⁠। ह्ये॑षा⁠। ए॒षा दे॒वत॑या⁠। दे॒वत॑या॒ समृ॑द्ध्यै⁠। समृ॑द्ध्यै मै॒त्रम्⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। मै॒त्रꣴ श्वे॒तम्⁠। श्वे॒तमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ वा॒रु॒णम्⁠। वा॒रु॒णम् कृ॒ष्णम्⁠। कृ॒ष्णम॒पाम्⁠। अ॒पाम् च॑⁠। चौष॑धीनाम्⁠। ओष॑धीनाम् च⁠। च॒ स॒न्धौ⁠। स॒न्धावन्न॑कामः⁠। स॒न्धाविति॑ सं—धौ⁠। अन्न॑कामो मै॒त्रीः⁠। अन्न॑काम॒ इत्यन्न॑—का॒मः॒⁠। मै॒त्रीर् वै⁠। वा ओष॑धयः⁠। ओष॑धयो वारु॒णीः⁠। वा॒रु॒णीरापः॑⁠। आपो॒ऽपाम्⁠। अ॒पाम् च॑⁠। च॒ खलु॑⁠। खलु॒ वै⁠। वा ओष॑धीनाम्⁠। ओष॑धीनाम् च⁠। च॒ रस᳚म्⁠। रस॒मुप॑⁠। उप॑ जीवामः⁠। जी॒वा॒मो॒ मि॒त्रावरु॑णौ⁠। मि॒त्रावरु॑णावे॒व⁠। मि॒त्राव॑रुणा॒विति॑ मि॒त्रा—वरु॑णौ⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ तौ⁠। तावे॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मा॒ अन्न᳚म्⁠। अन्न॒म् प्र⁠। प्र य॑च्छतः⁠। य॒च्छ॒तो॒ऽन्ना॒दः⁠। अ॒न्ना॒द ए॒व⁠। अ॒न्ना॒द इत्य॑न्न—अ॒दः⁠। ए॒व भ॑वति⁠। भ॒व॒त्य॒पाम्⁠। [५४] अ॒पाम् च॑⁠। चौष॑धीनाम्⁠। ओष॑धीनाम् च⁠। च॒ स॒न्धौ⁠। स॒न्धावा⁠। स॒न्धाविति॑ सं—धौ⁠। आ ल॑भते⁠। ल॒भ॒त॒ उ॒भय॑स्य⁠। उ॒भय॒स्याव॑रुद्ध्यै⁠। अव॑रुद्ध्यै॒ विशा॑खः⁠। अव॑रुद्धा॒ इत्यव॑—रु॒द्धै॒⁠। विशा॑खो॒ यूपः॑⁠। विशा॑ख॒ इति॒ वि—शा॒खः॒⁠। यूपो॑ भवति⁠। भ॒व॒ति॒ द्वे⁠। द्वे हि⁠। द्वे इति॒ द्वे⁠। ह्ये॑ते⁠। ए॒ते दे॒वते᳚⁠। ए॒ते इत्ये॒ते⁠। दे॒वते॒ समृ॑द्ध्यै⁠। दे॒वते॒ इति॑ दे॒वते᳚⁠। समृ॑द्ध्यै मै॒त्रम्⁠। समृ॑द्ध्या॒ इति॒ सं—ऋ॒द्ध्यै॒⁠। मै॒त्रꣴ श्वे॒तम्⁠। श्वे॒तमा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ वा॒रु॒णम्⁠। वा॒रु॒णम् कृ॒ष्णम्⁠। कृ॒ष्णम् ज्योगा॑मयावी⁠। ज्योगा॑मयावी॒ यत्⁠। ज्योगा॑मया॒वीति॒ ज्योक्—आ॒म॒या॒वी॒⁠। यन्मै॒त्रः⁠। मै॒त्रो भव॑ति⁠। भव॑ति मि॒त्रेण॑⁠। मि॒त्रेणै॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ वरु॑णम्⁠। वरु॑णꣳ शमयति⁠। श॒म॒य॒ति॒ यत्⁠। यद् वा॑रु॒णः⁠। वा॒रु॒णः सा॒ख्‍षात्⁠। सा॒ख्‍षादे॒व⁠। सा॒ख्‍षादिति॑ स—अ॒ख्‍षात्⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। ए॒न॒व्ँव॒रु॒ण॒पा॒शात्⁠। व॒रु॒ण॒पा॒शान् मु॑ञ्चति⁠। व॒रु॒ण॒पा॒शादिति॑ वरुण—पा॒शात्⁠। मु॒ञ्च॒त्यु॒त⁠। उ॒त यदि॑⁠। यदी॒तासुः॑⁠। इ॒तासु॒र् भव॑ति⁠। इ॒तासु॒रिती॒त—अ॒सुः॒⁠। भव॑ति॒ जीव॑ति⁠। जीव॑त्ये॒व⁠। ए॒व दे॒वाः⁠। दे॒वा वै⁠। वै पुष्टि᳚म्⁠। पुष्टि॒म् न⁠। नावि॑न्दन्न्⁠। अ॒वि॒न्द॒न् ताम्⁠। [५५] ताम् मि॑थु॒ने⁠। मि॒थु॒ने॑ ऽपश्यन्न्⁠। अ॒प॒श्य॒न् तस्या᳚म्⁠। तस्या॒म् न⁠। न सम्⁠। सम॑राधयन्न्⁠। अ॒रा॒ध॒य॒न् तौ⁠। ताव॒श्विनौ᳚⁠। अ॒श्विना॑वब्रूताम्⁠। अ॒ब्रू॒ता॒मा॒वयोः᳚⁠। आ॒वयो॒र् वै⁠। वा ए॒षा⁠। ए॒षा मा⁠। मैतस्या᳚म्⁠। ए॒तस्या᳚व्ँवदद्ध्वम्⁠। व॒द॒द्ध्व॒मिति॑⁠। इति॒ सा⁠। सा ऽश्विनोः᳚⁠। अ॒श्विनो॑रे॒व⁠। ए॒वाभ॑वत्⁠। अ॒भ॒व॒द् यः⁠। यः पुष्टि॑कामः⁠। पुष्टि॑कामः॒ स्यात्⁠। पुष्टि॑काम॒ इति॒ पुष्टि॑—का॒मः॒⁠। स्याथ् सः⁠। स ए॒ताम्⁠। ए॒तामा᳚श्वि॒नीम्⁠। आ॒श्वि॒नीय्ँय॒मीम्⁠। य॒मीव्ँव॒शाम्⁠। व॒शामा⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒ता॒श्विनौ᳚⁠। अ॒श्विना॑वे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ तौ⁠। तावे॒व⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न् पुष्टि᳚म्⁠। पुष्टि॑म् धत्तः⁠। ध॒त्तः॒ पुष्य॑ति⁠। पुष्य॑ति प्र॒जया᳚⁠। प्र॒जया॑ प॒शुभिः॑⁠। प्र॒जयेति॑ प्र—जया᳚⁠। प॒शुभि॒रिति॑ प॒शु—भिः॒⁠॥ [५६] (अ॒न्ना॒दो᳚ ऽन्ना॒द ए॒व भ॑वत्य विन्द॒न् पञ्च॑चत्वारिꣳशच्च) ॥९॥
आ॒श्वि॒नम् धू॒म्रल॑लामम्⁠। धू॒म्रल॑लाम॒मा⁠। धू॒म्रल॑लाम॒मिति॑ धू॒म्र—ल॒ला॒म॒म्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ यः⁠। यो दुर्ब्रा᳚ह्मणः⁠। दुर्ब्रा᳚ह्मणः॒ सोम᳚म्⁠। दुर्ब्रा᳚ह्मण॒ इति॒ दुः—ब्रा॒ह्म॒णः॒⁠। सोम॒म् पिपा॑सेत्⁠। पिपा॑सेद॒श्विनौ᳚⁠। अ॒श्विनौ॒ वै⁠। वै दे॒वाना᳚म्⁠। दे॒वाना॒मसो॑मपौ⁠। असो॑मपावास्ताम्⁠। असो॑मपा॒वित्यसो॑म—पौ॒⁠। आ॒स्ता॒म् तौ⁠। तौ प॒श्चा⁠। प॒श्चा सो॑मपी॒थम्⁠। सो॒म॒पी॒थम् प्र⁠। सो॒म॒पी॒थमिति॑ सोम—पी॒थम्⁠। प्राप्नु॑ताम्⁠। आ॒प्नु॒ता॒म॒श्विनौ᳚⁠। अ॒श्विना॑वे॒तस्य॑⁠। ए॒तस्य॑ दे॒वता᳚⁠। दे॒वता॒ यः⁠। यो दुर्ब्रा᳚ह्मणः⁠। दुर्ब्रा᳚ह्मणः॒ सोम᳚म्⁠। दुर्ब्रा᳚ह्मण॒ इति॒ दुः—ब्रा॒ह्म॒णः॒⁠। सोम॒म् पिपा॑सति⁠। पिपा॑सत्य॒श्विनौ᳚⁠। अ॒श्विना॑वे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ तौ⁠। तावे॒व⁠। ए॒वास्मै᳚⁠। अ॒स्मै॒ सो॒म॒पी॒थम्⁠। सो॒म॒पी॒थम् प्र⁠। सो॒म॒पी॒थमिति॑ सोम—पी॒थम्⁠। प्र य॑च्छतः⁠। य॒च्छ॒त॒ उप॑⁠। उपै॑नम्⁠। ए॒न॒ꣳ॒ सो॒म॒पी॒थः⁠। सो॒म॒पी॒थो न॑मति⁠। सो॒म॒पी॒थ इति॑ सोम—पी॒थः⁠। न॒म॒ति॒ यत्⁠। यद् धू॒म्रः⁠। धू॒म्रो भव॑ति⁠। भव॑ति धूम्रि॒माण᳚म्⁠। धू॒म्रि॒माण॑मे॒व⁠। ए॒वास्मा᳚त्⁠। अ॒स्मा॒दप॑⁠। अप॑ हन्ति⁠। ह॒न्ति॒ ल॒लामः॑⁠। ल॒लामो॑ भवति⁠। [५७] भ॒व॒ति॒ मु॒ख॒तः⁠। मु॒ख॒त ए॒व⁠। ए॒वास्मि॑न्न्⁠। अ॒स्मि॒न् तेजः॑⁠। तेजो॑ दधाति⁠। द॒धा॒ति॒ वा॒य॒व्य᳚म्⁠। वा॒य॒व्य॑म् गोमृ॒गम्⁠। गो॒मृ॒गमा⁠। गो॒मृ॒गमिति॑ गो—मृ॒गम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒त॒ यम्⁠। यमज॑घ्निवाꣳसम्⁠। अज॑घ्निवाꣳसमभि॒शꣳसे॑युः⁠। अ॒भि॒शꣳसे॑यु॒रपू॑ता⁠। अ॒भि॒शꣳसे॑यु॒रित्य॑भि—शꣳसे॑युः⁠। अपू॑ता॒ वै⁠। वा ए॒तम्⁠। ए॒तव्ँवाक्⁠। वागृ॑च्छति⁠। ऋ॒च्छ॒ति॒ यम्⁠। यमज॑घ्निवाꣳसम्⁠। अज॑घ्निवाꣳसमभि॒शꣳस॑न्ति⁠। अ॒भि॒शꣳस॑न्ति॒ न⁠। अ॒भि॒शꣳस॒न्तीत्य॑भि—शꣳस॑न्ति⁠। नैषः⁠। ए॒ष ग्रा॒म्यः⁠। ग्रा॒म्यः प॒शुः⁠। प॒शुर् न⁠। नार॒ण्यः⁠। आ॒र॒ण्यो यत्⁠। यद् गो॑मृ॒गः⁠। गो॒मृ॒गो न⁠। गो॒मृ॒ग इति॑ गो—मृ॒गः⁠। नेव॑⁠। इ॒वै॒षः⁠। ए॒ष ग्रामे᳚⁠। ग्रामे॒ न⁠। नार॑ण्ये⁠। अर॑ण्ये॒ यम्⁠। यमज॑घ्निवाꣳसम्⁠। अज॑घ्निवाꣳसमभि॒शꣳस॑न्ति⁠। अ॒भि॒शꣳस॑न्ति वा॒युः⁠। अ॒भि॒शꣳस॒न्तीत्य॑भि—शꣳस॑न्ति⁠। वा॒युर् वै⁠। वै दे॒वाना᳚म्⁠। दे॒वाना᳚म् प॒वित्र᳚म्⁠। प॒वित्र॑व्ँवा॒युम्⁠। वा॒युमे॒व⁠। ए॒व स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वैन᳚म्⁠। [५८] ए॒न॒म् प॒व॒य॒ति॒⁠। प॒व॒य॒ति॒ परा॑ची⁠। परा॑ची॒ वै⁠। वा ए॒तस्मै᳚⁠। ए॒तस्मै᳚ व्यु॒च्छन्ती᳚⁠। व्यु॒च्छन्ती॒ वि⁠। व्यु॒च्छन्तीति॑ वि—उ॒च्छन्ती᳚⁠। व्यु॑च्छति⁠। उ॒च्छ॒ति॒ तमः॑⁠। तमः॑ पा॒प्मान᳚म्⁠। पा॒प्मान॒म् प्र⁠। प्र वि॑शति⁠। वि॒श॒ति॒ यस्य॑⁠। यस्या᳚श्वि॒ने⁠। आ॒श्वि॒ने श॒स्यमा॑ने⁠। श॒स्यमा॑ने॒ सूर्यः॑⁠। सूर्यो॒ न⁠। नाविः⁠। आ॒विर् भव॑ति⁠। भव॑ति सौ॒र्यम्⁠। सौ॒र्यम् ब॑हुरू॒पम्⁠। ब॒हु॒रू॒पमा⁠। ब॒हु॒रू॒पमिति॑ बहु—रू॒पम्⁠। आ ल॑भेत⁠। ल॒भे॒ता॒मुम्⁠। अ॒मुमे॒व⁠। ए॒वादि॒त्यम्⁠। आ॒दि॒त्यꣴ स्वेन॑⁠। स्वेन॑ भाग॒धेये॑न⁠। भा॒ग॒धेये॒नोप॑⁠। भा॒ग॒धेये॒नेति॑ भाग—धेये॑न⁠। उप॑ धावति⁠। धा॒व॒ति॒ सः⁠। स ए॒व⁠। ए॒वास्मा᳚त्⁠। अ॒स्मा॒त् तमः॑⁠। तमः॑ पा॒प्मान᳚म्⁠। पा॒प्मान॒मप॑⁠। अप॑ हन्ति⁠। ह॒न्ति॒ प्र॒तीची᳚⁠। प्र॒तीच्य॑स्मै⁠। अ॒स्मै॒ व्यु॒च्छन्ती᳚⁠। व्यु॒च्छन्ती॒ वि⁠। व्यु॒च्छन्तीति॑ वि—उ॒च्छन्ती᳚⁠। व्यु॑च्छति⁠। उ॒च्छ॒त्यप॑⁠। अप॒ तमः॑⁠। तमः॑ पा॒प्मान᳚म्⁠। पा॒प्मान॑ꣳ हते⁠। ह॒त॒ इति॑ हते⁠॥ [५९] (ल॒लामः॒ स ए॒व षट्च॑त्वारिꣳशच्च) ॥१०॥
इन्द्र॑व्ँवः⁠। वो॒ वि॒श्वत॑ ः⁠। वि॒श्वत॒स्परि॑⁠। परीन्द्र᳚म्⁠। इन्द्र॒म् नरः॑⁠। नरो॒ मरु॑तः⁠। मरु॑तो॒ यत्⁠। यद्ध॑⁠। ह॒ वः॒⁠। वो॒ दि॒वः⁠। दि॒वो या⁠। या वः॑⁠। वः॒ शर्म॑⁠। शर्मेति॒ शर्म॑⁠॥ भरे॒ष्विन्द्र᳚म्⁠। इन्द्र॑ꣳ सु॒हव᳚म्⁠। सु॒हव॑ꣳ हवामहे⁠। सु॒हव॒मिति॑ सु—हव᳚म्⁠। ह॒वा॒म॒हे॒ ऽꣳ॒हो॒मुच᳚म्⁠। अ॒ꣳ॒हो॒मुच॑ꣳ सु॒कृत᳚म्⁠। अ॒ꣳ॒हो॒मुच॒मित्य॑ꣳहः—मुच᳚म्⁠। सु॒कृत॒म् दैव्य᳚म्⁠। सु॒कृत॒मिति॑ सु—कृत᳚म्⁠। दैव्य॒म् जन᳚म्⁠। जन॒मिति॒ जन᳚म्⁠॥ अ॒ग्निम् मि॒त्रम्⁠। मि॒त्रव्ँवरु॑णम्⁠। वरु॑णꣳ सा॒तये᳚⁠। सा॒तये॒ भग᳚म्⁠। भग॒म् द्यावा॑पृथि॒वी⁠। द्यावा॑पृथि॒वी म॒रुतः॑⁠। द्यावा॑पृथि॒वी इति॒ द्यावा᳚—पृ॒थि॒वी⁠। म॒रुतः॑ स्व॒स्तये᳚⁠। स्व॒स्तय॒ इति॑ स्व॒स्तये᳚⁠॥ म॒मत्तु॑ नः⁠। नः॒ परि॑ज्मा⁠। परि॑ज्मा वस॒र्॒‌हा⁠। परि॒ज्मेति॒ परि॑—ज्मा॒⁠। व॒स॒र्॒‌हा म॒मत्तु॑⁠। म॒मत्तु॒ वातः॑⁠। वातो॑ अ॒पाम्⁠। अ॒पाव्ँवृष॑ण्वान्⁠। वृष॑ण्वा॒निति॒ वृष॑ण्ण्—वा॒न्॒⁠॥ शि॒शी॒तमि॑न्द्रापर्वता⁠। इ॒न्द्रा॒प॒र्व॒ता॒ यु॒वम्⁠। इ॒न्द्रा॒प॒र्व॒तेती᳚न्द्रा—प॒र्व॒ता॒⁠। यु॒वम् नः॑⁠। न॒,स्तत्⁠। तन्नः॑⁠। नो॒ विश्वे᳚⁠। विश्वे॑ वरिवस्यन्तु⁠। व॒रि॒व॒स्य॒न्तु॒ दे॒वाः⁠। दे॒वा इति॑ दे॒वाः⁠॥ प्रि॒या वः॑⁠। वो॒ नाम॑⁠। नाम॑ हुवे⁠। [६०] हु॒वे॒ तु॒राणा᳚म्⁠। तु॒राणा॒मिति॑ तु॒राणा᳚म्⁠॥ आ यत्⁠। यत् तृ॒पत्⁠। तृ॒पन् म॑रुतः⁠। म॒रु॒तो॒ वा॒व॒शा॒नाः⁠। वा॒व॒शा॒ना इति॑ वावशा॒नाः⁠॥ श्रि॒यसे॒ कम्⁠। कम् भा॒नुभिः॑⁠। भा॒नुभिः॒ सम्⁠। भा॒नुभि॒रिति॑ भा॒नु—भिः॒⁠। सम् मि॑मिख्‍षिरे⁠। मि॒मि॒ख्‍षि॒रे॒ ते⁠। ते र॒श्मिभिः॑⁠। र॒श्मिभि॒स्ते⁠। र॒श्मिभि॒रिति॑ र॒श्मि—भिः॒⁠। त ऋक्व॑भिः⁠। ऋक्व॑भिः सुखा॒दयः॑⁠। ऋक्व॑भि॒रित्यृक्व॑—भिः॒⁠। सु॒खा॒दय॒ इति॑ सु—खा॒दयः॑⁠॥ ते वाशी॑मन्तः⁠। वाशी॑मन्त इ॒ष्मिणः॑⁠। वाशी॑मन्त॒ इति॒ वाशि॑—म॒न्तः॒⁠। इ॒ष्मिणो॒ अभी॑रवः⁠। अभी॑रवो वि॒द्रे⁠। वि॒द्रे प्रि॒यस्य॑⁠। प्रि॒यस्य॒ मारु॑तस्य⁠। मारु॑तस्य॒ धाम्नः॑⁠। धाम्न॒ इति॒ धाम्नः॑⁠॥ अ॒ग्निः प्र॑थ॒मः⁠। प्र॒थ॒मो वसु॑भिः⁠। वसु॑भिर् नः⁠। वसु॑भि॒रिति॒ वसु॑—भिः॒⁠। नो॒ अ॒व्या॒त्॒⁠। अ॒व्या॒थ् सोमः॑⁠। सोमो॑ रु॒द्रेभिः॑⁠। रु॒द्रेभि॑र॒भि⁠। अ॒भि र॑ख्‍षतु⁠। र॒ख्‍ष॒तु॒ त्मना᳚⁠। त्मनेति॒ त्मना᳚⁠॥ इन्द्रो॑ म॒रुद्भिः॑⁠। म॒रुद्भि॑र्‌ऋतु॒धा⁠। म॒रुद्भि॒रिति॑ म॒रुत्—भिः॒⁠। ऋ॒तु॒धा कृ॑णोतु⁠। ऋ॒तु॒धेत्यृ॑तु—धा⁠। कृ॒णो॒त्वा॒दि॒त्यैः⁠। आ॒दि॒त्यैर् नः॑⁠। नो॒ वरु॑णः⁠। वरु॑णः॒ सम्⁠। सꣳ शि॑शातु⁠। शि॒शा॒त्विति॑ शिशातु⁠॥ सम् नः॑⁠। नो॒ दे॒वः⁠। दे॒वो वसु॑भिः⁠। वसु॑भिर॒ग्निः⁠। वसु॑भि॒रिति॒ वसु॑—भिः॒⁠। अ॒ग्निः सम्⁠। सꣳ सोमः॑⁠। [६१] सोम॑स्त॒नूभिः॑⁠। त॒नूभी॑ रु॒द्रिया॑भिः⁠। रु॒द्रिया॑भि॒रिति॑ रु॒द्रिया॑भिः⁠॥ समिन्द्रः॑⁠। इन्द्रो॑ म॒रुद्भिः॑⁠। म॒रुद्भि॑र्‌य॒ज्ञियैः᳚⁠। म॒रुद्भि॒रिति॑ म॒रुत्—भिः॒⁠। य॒ज्ञियैः॒ सम्⁠। समा॑दि॒त्यैः⁠। आ॒दि॒त्यैर् नः॑⁠। नो॒ वरु॑णः⁠। वरु॑णो अजिज्ञिपत्⁠। अ॒जि॒ज्ञि॒प॒दित्य॑जिज्ञिपत्⁠॥ यथा॑ऽऽदि॒त्याः⁠। आ॒दि॒त्या वसु॑भिः⁠। वसु॑भिः सम्बभू॒वुः⁠। वसु॑भि॒रिति॒ वसु॑—भिः॒⁠। स॒म्ब॒भू॒वुर् म॒रुद्भिः॑⁠। स॒म्ब॒भू॒वुरिति॑ सं—ब॒भू॒वुः⁠। म॒रुद्भी॑ रु॒द्राः⁠। म॒रुद्भि॒रिति॑ म॒रुत्—भिः॒⁠। रु॒द्राः स॒मजा॑नत⁠। स॒मजा॑नता॒भि⁠। स॒माजा॑न॒तेति॑ सं—अजा॑नत⁠। अ॒भीत्य॒भि⁠॥ ए॒वा त्रि॑णामन्न्⁠। त्रि॒णा॒म॒न्नहृ॑णीयमानाः⁠। त्रि॒णा॒म॒न्निति॑ त्रि—ना॒म॒न्न्॒⁠। अहृ॑णीयमाना॒ विश्वे᳚⁠। विश्वे॑ दे॒वाः⁠। दे॒वाः सम॑नसः⁠। सम॑नसो भवन्तु⁠। सम॑नस॒ इति॒ स—म॒न॒सः॒⁠। भ॒व॒न्त्विति॑ भवन्तु⁠॥ कुत्रा॑ चित्⁠। चि॒द् यस्य॑⁠। यस्य॒ समृ॑तौ⁠। समृ॑तौ र॒ण्वाः⁠। समृ॑ता॒विति॒ सं—ऋ॒तौ॒⁠। र॒ण्वा नरः॑⁠। नरो॑ नृ॒षद॑ने⁠। नृ॒षद॑न॒ इति॑ नृ—सद॑ने⁠॥ अर्‌ह॑न्तश्चित्⁠। चि॒द् यम्⁠। यमि॑न्ध॒ते⁠। इ॒न्ध॒ते स॑ञ्ज॒नय॑न्ति⁠। स॒ञ्ज॒नय॑न्ति ज॒न्तवः॑⁠। स॒ञ्ज॒नय॒न्तीति॑ सं—ज॒नय॑न्ति⁠। ज॒न्तव॒ इति॑ ज॒न्तवः॑⁠॥ सय्ँयत्⁠। यदि॒षः⁠। इ॒षो वना॑महे⁠। वना॑महे॒ सम्⁠। सꣳ ह॒व्या⁠। ह॒व्या मानु॑षाणाम्⁠। मानु॑षाणा॒मिति॒ मानु॑षाणाम्⁠॥ उ॒त द्यु॒म्नस्य॑⁠। द्यु॒म्नस्य॒ शव॑सः⁠। शव॑स ऋ॒तस्य॑⁠। [६२] ऋ॒तस्य॑ र॒श्मिम्⁠। र॒श्मिमा⁠। आ द॑दे⁠। द॒द॒ इति॑ ददे⁠॥ य॒ज्ञो दे॒वाना᳚म्⁠। दे॒वाना॒म् प्रति॑⁠। प्रत्ये॑ति⁠। ए॒ति॒ सु॒म्नम्⁠। सु॒म्नमादि॑त्यासः⁠। आदि॑त्यासो॒ भव॑त⁠। भव॑ता मृड॒यन्तः॑⁠। मृ॒ड॒यन्त॒ इति॑ मृड॒यन्तः॑⁠॥ आ वः॑⁠। वो॒ऽर्वाची᳚⁠। अ॒र्वाची॑ सुम॒तिः⁠। सु॒म॒तिर् व॑वृत्यात्⁠। सु॒म॒तिरिति॑ सु—म॒तिः⁠। व॒वृ॒त्या॒द॒ꣳ॒होः⁠। अ॒ꣳ॒होश्चि॑त्⁠। चि॒द् या⁠। या व॑रिवो॒वित्त॑रा⁠। व॒रि॒वो॒वित्त॒राऽस॑त्⁠। व॒रि॒वो॒वित्त॒रेति॑ वरिवो॒वित्—त॒रा॒⁠। अस॒दित्यस॑त्⁠॥ शुचि॑र॒पः⁠। अ॒पः सू॒यव॑साः⁠। सू॒यव॑सा॒ अद॑ब्धः⁠। सू॒यव॑सा॒ इति॑ सु—यव॑साः⁠। अद॑ब्ध॒ उप॑⁠। उप॑ ख्‍षेति⁠। ख्‍षे॒ति॒ वृ॒द्धव॑याः⁠। वृ॒द्धव॑याः सु॒वीरः॑⁠। वृ॒द्धव॑या॒ इति॑ वृ॒द्ध—व॒याः॒⁠। सु॒वीर॒ इति॑ सु—वीरः॑⁠॥ नकि॒ष्टम्⁠। तम्(२) घ्न॑न्ति⁠। घ्न॒न्त्यन्ति॑तः⁠। अन्ति॑तो॒ न⁠। न दू॒रात्⁠। दू॒राद् यः⁠। य आ॑दि॒त्याना᳚म्⁠। आ॒दि॒त्याना॒म् भव॑ति⁠। भव॑ति॒ प्रणी॑तौ⁠। प्रणी॑ता॒विति॒ प्र—नी॒तौ॒⁠॥ धा॒रय॑न्त आदि॒त्यासः॑⁠। आ॒दि॒त्यासो॒ जग॑त्⁠। जग॒थ् स्थाः⁠। स्था दे॒वाः⁠। दे॒वा विश्व॑स्य⁠। विश्व॑स्य॒ भुव॑नस्य⁠। भुव॑नस्य गो॒पाः⁠। गो॒पा इति॑ गो—पाः⁠॥ दी॒र्घाधि॑यो॒ रख्‍ष॑माणाः⁠। दी॒र्घाधि॑य॒ इति॑ दी॒र्घ—धि॒यः॒⁠। रख्‍ष॑माणा असु॒र्य᳚म्⁠। [६३] अ॒सु॒र्य॑मृ॒तावा॑नः⁠। ऋ॒तावा॑न॒ श्चय॑मानाः⁠। ऋ॒तावा॑न॒ इत्यृ॒त—वा॒नः॒⁠। चय॑माना ऋ॒णानि॑⁠। ऋ॒णानीत्यृ॒णानि॑⁠॥ ति॒स्रो भूमीः᳚⁠। भूमी᳚र् धारयन्न्⁠। धा॒र॒य॒न् त्रीन्⁠। त्रीꣳरु॒त⁠। उ॒त द्यून्⁠। द्यून् त्रीणि॑⁠। त्रीणि॑ व्र॒ता⁠। व्र॒ता वि॒दथे᳚⁠। वि॒दथे॑ अ॒न्तः⁠। अ॒न्तरे॑षाम्⁠। ए॒षा॒मित्ये॑षाम्⁠॥ ऋ॒तेना॑दित्याः⁠। आ॒दि॒त्या॒ महि॑⁠। महि॑ वः⁠। वो॒ म॒हि॒त्वम्⁠। म॒हि॒त्वम् तत्⁠। म॒हि॒त्वमिति॑ महि—त्वम्⁠। तद॑र्यमन्न्⁠। अ॒र्य॒म॒न् व॒रु॒ण॒⁠। व॒रु॒ण॒ मि॒त्र॒⁠। मि॒त्र॒ चारु॑⁠। चार्विति॒ चारु॑⁠॥ त्याम् नु⁠। नु ख्‍ष॒त्रिया॑न्⁠। ख्‍ष॒त्रिया॒ꣳ॒ अवः॑⁠। अव॑ आदि॒त्यान्⁠। आ॒दि॒त्यान्‌या॑चिषामहे⁠। या॒चि॒षा॒म॒ह॒ इति॑ याचिषामहे⁠॥ सु॒मृ॒डी॒काꣳ अ॒भिष्ट॑ये⁠। सु॒मृ॒डी॒कानिति॑ सु—मृ॒डी॒कान्⁠। अ॒भिष्ट॑य॒ इत्य॒भिष्ट॑ये⁠॥ न द॑ख्‍षि॒णा⁠। द॒ख्‍षि॒णा वि⁠। वि चि॑किते⁠। चि॒कि॒ते॒ न⁠। न स॒व्या⁠। स॒व्या न⁠। न प्रा॒चीन᳚म्⁠। प्रा॒चीन॑मादित्याः⁠। आ॒दि॒त्या॒ न⁠। नोत⁠। उ॒त प॒श्चा⁠। प॒श्चेति॑ प॒श्चा⁠॥ पा॒क्या॑ चित्⁠। चि॒द् व॒स॒वः॒⁠। व॒स॒वो॒ धी॒र्या᳚⁠। धी॒र्या॑ चित्⁠। चि॒द् यु॒ष्मानी॑तः⁠। [६४] यु॒ष्मानी॑तो॒ अभ॑यम्⁠। अभ॑य॒म् ज्योतिः॑⁠। ज्योति॑रश्याम्⁠। अ॒श्या॒मित्य॑श्याम्⁠॥ आ॒दि॒त्याना॒मव॑सा⁠। अव॑सा॒ नूत॑नेन⁠। नूत॑नेन सख्‍षी॒महि॑⁠। स॒ख्‍षी॒महि॒ शर्म॑णा⁠। शर्म॑णा॒ शन्त॑मेन⁠। शन्त॑मे॒नेति॒ शम्—त॒मे॒न॒⁠॥ अ॒ना॒गा॒स्त्वे अ॑दिति॒त्वे⁠। अ॒ना॒गा॒स्त्व इत्य॑नागाः—त्वे⁠। अ॒दि॒ति॒त्वे तु॒रासः॑⁠। अ॒दि॒ति॒त्व इत्य॑दिति—त्वे⁠। तु॒रास॑ इ॒मम्⁠। इ॒मय्ँय॒ज्ञम्⁠। य॒ज्ञम् द॑धतु⁠। द॒ध॒तु॒ श्रोष॑माणाः⁠। श्रोष॑माणा॒ इति॒ श्रोष॑माणाः⁠॥ इ॒मं मे᳚⁠। मे॒ व॒रु॒ण॒⁠। व॒रु॒ण॒ श्रु॒धि॒⁠। श्रु॒धी॒ हव᳚म्⁠। हव॑म॒द्य⁠। अ॒द्या च॑⁠। च॒ मृ॒ड॒य॒⁠। मृ॒ड॒येति॑ मृडय⁠॥ त्वाम॑व॒स्युः⁠। अ॒व॒स्युरा⁠। आ च॑के⁠। च॒क॒ इति॑ चके⁠॥ तत् त्वा᳚⁠। त्वा॒ या॒मि॒⁠। या॒मि॒ ब्रह्म॑णा⁠। ब्रह्म॑णा॒ वन्द॑मानः⁠। वन्द॑मान॒स्तत्⁠। तदा⁠। आ शा᳚स्ते⁠। शा॒स्ते॒ यज॑मानः⁠। यज॑मानो ह॒विर्भिः॑⁠। ह॒विर्भि॒रिति॑ ह॒विः—भिः॒⁠॥ अहे॑डमानो वरुण⁠। व॒रु॒णे॒ह⁠। इ॒ह बो॑धि⁠। बो॒ध्युरु॑शꣳस⁠। उरु॑शꣳस॒ मा⁠। उरु॑श॒ꣳ॒सेत्युरु॑—श॒ꣳ॒स॒⁠। मा नः॑⁠। न॒ आयुः॑⁠। आयुः॒ प्र⁠। प्र मो॑षीः⁠। मो॒षी॒रिति॑ मोषीः⁠॥ [६५] (नामा॒ ऽग्निः सꣳ शव॑सो॒ रख्‍ष॑माणा धी॒र्यां॑ चि॒दे का॒न्न प॑ञ्चा॒शच्च॑) ॥११॥
अनुवाकाः पञ्चशती
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